BHOPAL:राणा सांगा की तरह हम शिकार हुए, राजेन्द्र भारती का नरोत्तम मिश्रा पर बड़ा हमला
कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है।
भोपाल:प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस से दतिया के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती ने बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। भारती ने पूरे मामले को “षड्यंत्र” बताते हुए इसकी CBI जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से उन्हें फंसाने की कोशिश है।
राणा सांगा की तरह शिकार होने का आरोप
पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती ने कहा, “राणा सांगा की तरह हम शिकार हुए हैं, यह पूरा षड्यंत्र है। बीजेपी झूठ और गलत जानकारी के जरिए जनता को गुमराह करती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 2008 में डबरा सीट आरक्षित होने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने दतिया से चुनाव लड़ते समय आचार संहिता का उल्लंघन किया, जिसकी पांच शिकायतें की गई थीं। साथ ही “पेड न्यूज” का मामला भी सामने आया।
दबाव, झूठे केस और व्यापार बंद कराने के आरोप
भारती ने कहा कि मिश्रा ने उन पर, उनके परिवार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया। झूठे केस दर्ज करवाए गए और उनके व्यापार तक बंद कराए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा, “हम कभी उनसे डरे नहीं।” भारती के मुताबिक यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित था।
2023 हार के बाद दबाव और धमकी का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 के चुनाव में हार के बाद मिश्रा ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की। मुलाकात के दौरान फेक न्यूज और अन्य मामलों को वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया।
FD मामला और कोर्ट को गुमराह करने के आरोप
FD मामले को लेकर भारती ने कहा कि जॉइंट रजिस्ट्रार ने केवल रिकवरी के निर्देश दिए थे, लेकिन इसे गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्राइवेट शिकायत के जरिए उन्हें फंसाया गया और प्रोसिक्यूटर ने कोर्ट को गुमराह कर धारा 319 के तहत उन्हें आरोपी बनाया। ग्वालियर कोर्ट से जुड़े मामले में भी भारती ने आरोप लगाया कि डिफेंस विटनेस का अपहरण कर उसे होटल में रखकर धमकाया गया, जिससे गवाही नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में केस ट्रांसफर के आवेदन के बाद जांच के आदेश हुए, लेकिन PHQ और CID ने अधूरी जांच की और उनकी गवाही नहीं ली गई। जिसके बाद सुप्रिम कोर्ट ने केस दिल्ली ट्रांसफर कर दिया।
विश्वास सारंग के आरोपो को किया खारिज
भारती ने मंत्री विश्वास सारंग के उस बयान का खंडन किया, जिसमें करोड़ों के घोटाले की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि न तो हाई कोर्ट और न ही सहकारिता विभाग के किसी दस्तावेज में ऐसे घोटाले का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है।अंत में भारती ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही उन्होंने विश्वास सारंग से सार्वजनिक माफी की मांग की
sanjay patidar 
