अटल सरकार से नीति आयोग तक: अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, PM से की मुलाकात
नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष बने अशोक कुमार लाहिड़ी। नीति आयोग में पांच नए पूर्णकालिक सदस्यों की भी नियुक्ति की गई।
केंद्र सरकार ने नीति आयोग की संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी (Ashok Kumar Lahiri) को आयोग का नया उपाध्यक्ष (Vice Chairman) नियुक्त किया है। इस निर्णय के साथ ही नीति आयोग में पांच नए पूर्णकालिक सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद शामिल हैं, जो देश की आर्थिक और नीति निर्माण प्रक्रिया को नई दिशा देने का काम करेंगे।
नियुक्ति के बाद डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और इस जिम्मेदारी को लेकर आभार जताया। वहीं, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर डॉ. लाहिड़ी को नियुक्ति पर शुभकामनाएं दीं। इस मुलाकात के बाद नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुझ पर इतना भरोसा जताया है, मैं उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। हमें उम्मीद है कि यह संघर्ष जल्द से जल्द समाप्त होगा...नीतियों का क्रियान्वयन अत्यंत महत्वपूर्ण है और नीयत बिल्कुल शुद्ध होनी चाहिए।
Met Shri Ashok Kumar Lahiri Ji and conveyed my best wishes on his being appointed as the Vice Chairman of NITI Aayog. His rich experience in economics and public policy will greatly strengthen India’s reform journey and the journey towards becoming a Viksit Bharat. I am confident… pic.twitter.com/NQvAGNsgoN
— Narendra Modi (@narendramodi) April 25, 2026
नीति आयोग में नई नियुक्तियां
इस पुनर्गठन के तहत सरकार ने पांच नए पूर्णकालिक सदस्यों की भी नियुक्ति की है। इनमें शामिल हैं:
- राजीव गौबा
- प्रो. के. वी. राजू
- प्रो. गोबर्धन दास
- प्रो. अभय करंदीकर
- डॉ. एम. श्रीनिवास
इन सभी को उनके-अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। प्रोफेसर गोबर्धन दास एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने आणविक विज्ञान, प्रतिरक्षा विज्ञान और संक्रामक रोगों पर महत्वपूर्ण शोध किया है। वे आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक भी रह चुके हैं। उनके योगदान को विशेष रूप से टीबी जैसे रोगों के शोध में सराहा जाता है।

कौन हैं अशोक कुमार लाहिड़ी?
डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी भारत के जाने-माने अर्थशास्त्री और नीति विशेषज्ञ हैं। वे कोलकाता से संबंध रखते हैं और एक प्रतिष्ठित शिक्षित परिवार से आते हैं। उनकी शिक्षा Presidency University, Kolkata और Delhi School of Economics से हुई है, जो भारत के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में गिने जाते हैं। लंबे समय से वे आर्थिक नीतियों, वित्तीय सुधारों और सरकारी नीति निर्माण से जुड़े रहे हैं। उनके अनुभव और विशेषज्ञता को भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण माना जाता है।

सरकारी सेवा में लंबा अनुभव
डॉ. लाहिड़ी ने भारत सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Adviser) के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पद देश की आर्थिक नीतियों को दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे और उस समय कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों और नीतिगत निर्णयों में उनकी भूमिका रही। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं जैसे International Monetary Fund (IMF), World Bank और Asian Development Bank में भी काम किया है।

नीति आयोग में नई जिम्मेदारी
अब उन्हें देश की शीर्ष नीति निर्माण संस्था नीति आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस भूमिका में वे देश की आर्थिक रणनीति, विकास योजनाओं और विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय को मजबूत करने का काम करेंगे। सरकार का मानना है कि उनके अनुभव से नीति आयोग को नई दिशा और गति मिलेगी, खासकर “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करने में।
डॉ. लाहिड़ी की नियुक्ति को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। नीति आयोग भारत की आर्थिक और विकास नीतियों को आकार देने वाली शीर्ष संस्था है। ऐसे में अनुभवी अर्थशास्त्री का नेतृत्व देश की आर्थिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वे पहले भी विभिन्न सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में काम कर चुके हैं, जिससे उन्हें वैश्विक आर्थिक व्यवस्था की गहरी समझ है।
Varsha Shrivastava 
