इंदौर मेट्रो टनल खुदाई से पुरानी बस्तियों पर खतरा, सुरक्षा और मुआवजे की मांग तेज
इंदौर मेट्रो परियोजना के टनल निर्माण को लेकर जुलाई से खुदाई शुरू किए जाने की बात सामने आई है। टनल खुदाई से सबसे बड़ा खतरा शहर की पुरानी बस्तियों के मकानों पर मंडराएगा।
इंदौर मेट्रो परियोजना के तहत टनल निर्माण को लेकर जुलाई से खुदाई शुरू होने की खबर सामने आई है। इस बीच टनल निर्माण के दौरान शहर की पुरानी बस्तियों में स्थित मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।

कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने चेतावनी दी है कि टनल के दोनों ओर लगभग 30 मीटर के दायरे में आने वाले मकान जोखिम में रह सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से मल्हारगंज, जेल रोड, बड़ा सराफा और पलासिया जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया, जहां कई इमारतें 70–80 साल पुरानी हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली और आगरा में मेट्रो निर्माण के दौरान कई मकानों को नुकसान पहुंचा था, और प्रभावित लोगों को मुआवजे व न्याय के लिए अदालतों का सहारा लेना पड़ा। ऐसी स्थिति इंदौर में न बने, इसके लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री और मेट्रो प्रबंधन को पत्र लिखकर पहले से एहतियाती कदम उठाने की मांग की है।

राकेश सिंह यादव ने सुझाव दिया कि टनल निर्माण से पहले प्रभावित क्षेत्रों के मकानों की जियो-टैगिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाए और इसकी एक प्रति मकान मालिकों को भी दी जाए। साथ ही, किसी भी प्रकार की क्षति की स्थिति में मुआवजे की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की जाए कि यह सरकार देगी या मेट्रो कंपनी।

उन्होंने यह भी मांग की कि टनल का नक्शा और सुरक्षा प्रोटोकॉल सार्वजनिक किए जाएं, ताकि नागरिक पहले से सतर्क रह सकें। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक संरक्षण उससे भी अधिक जरूरी है। यदि किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित ठेकेदार की होगी।
Varsha Shrivastava 
