राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 की मौत, 6 जिंदा जले

राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस-ट्रेलर की भिड़ंत, 8 की मौत 6 पैसेंजर्स जिंदा जले स्लीपर की डिक्की में भरे थे सिगरेट बॉक्स करीब एक घंटे तक दोनों वाहन जलते रहे। आग के बीच ही पैसेंजर्स का किया गया रेस्क्यू ।

राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 की मौत, 6 जिंदा जले

राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस आगे चल रहे ट्रेलर से भिड़ गई। हादसे के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। दुर्घटना में अब तक 8 लोगों की मौत हुई है। दौसा एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि हादसा कोलवा थाना क्षेत्र में 30 जून की देर रात करीब 2.30 बजे हुआ। बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी। जानकारी के अनुसार 6 लोगों की मौत आग में झुलसने और 2 की सिर में चोट लगने के कारण हुई है। हादसे में 21 लोग घायल हैं। इन्हें दौसा जिला हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।

पुलिस को आशंका है कि बस ड्राइवर को झपकी आने के कारण एक्सीडेंट हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, एक ग्रामीण ने दावा किया कि- बस के स्टोरेज बॉक्स में सिगरेट के पैकेट भरे थे।

देखिए- हादसे से जुड़ी तस्वीरें

 वाहनों में लगी आग के कारण दोनों तरफ का ट्रैफिक रोका गया। करीब एक घंटे बाद जलते हुए वाहनों को साइड किया गया।

एक्सीडेंट के बाद एक्सप्रेसवे पर खून और शवों के टुकड़े बिखर गए। कुछ पैसेंजर्स एक्सीडेंट के बाद बस से बाहर गिर गए थे।

बस में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही हैं। पुलिस की टीम ने 1 जूलाई की सुबह करीब एक घंटे तक बस के अंदर जांच की। एक्सप्रेसवे पर वाहनों में लगी आग के कारण दोनों तरफ का ट्रैफिक रोका गया। करीब एक घंटे बाद जलते हुए वाहनों को साइड किया गया।

एक्सप्रेसवे पर वाहनों में लगी आग के कारण दोनों तरफ का ट्रैफिक रोका गया। करीब एक घंटे बाद जलते हुए वाहनों को साइड किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बस में आग तेजी से फैली थी। इस कारण अंदर फंसे लोगों को निकालने में परेशानी हुई। हादसे में कई बच्चे भी घायल हुए हैं। हॉस्पिटल में एक महिला अपने घायल बच्चे को बचाने की गुहार लगाते हुए पुलिसकर्मी के पैरों में गिर गई।

बस में करीब एक घंटे तक आग लगी रही। आग के बीच में से ही अंदर फंसे पैसेंजर्स को बाहर निकाला गया। एक्सीडेंट के बाद एक्सप्रेसवे पर खून और शवों के टुकड़े बिखर गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ पैसेंजर्स एक्सीडेंट के बाद बस से बाहर भी गिर गए थे।

तुरंत नहीं मिली मदद, स्लीपर की डिक्की में भरी थी सिगरेट

बस के पैसेंजर ने बताया कि स्लीपर हंस ट्रेवल्स की थी। 30 जून शाम करीब 5 बजे बस ऋषिकेश से इंदौर के लिए निकली थी। एक्सीडेंट के तुरंत बाद बस में आग लग गई थी। करीब एक घंटे तक घायलों को कोई मदद नहीं मिली। रेस्क्यू के लिए पहुंचे एक ग्रामीण ने बताया कि आग में फंसे पैसेंजर्स चीख-पुकार रहे थे। आग बुझाने के दौरान बस की डिक्की में सिगरेट से भरे कई बॉक्स नजर आए थे। आशंका है कि इनके कारण आग ज्यादा भड़की थी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुख जताया

हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है- सांसद

दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने कहा- हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है और 11 लोग गंभीर हैं।तेज रफ्तार के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं। एसी बसों में इस तरह की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए।

12 लोगों की हालत गंभीर, 4 लापता
दौसा हॉस्पिटल के पीएमओ डॉक्टर आर के मीणा ने बताया कि 8 लोगों की मौत हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही हो गई थी। वहीं, 13 लोगों की हालत अब भी गंभीर है। गंभीर घायलों में-

1. याचिका (7) पुत्री दीपक तंवर, निवासी ओंकारेश्वर के पास, इंदौर (मध्य प्रदेश)
2. नेहा (26) निवासी ओंकारेश्वर के पास, इंदौर (मध्य प्रदेश)
3. दिशा (19) पुत्री संजय, निवासी नंदा नगर, इंदौर (मध्य प्रदेश)
4. सुवानंद (25) पुत्र राजेश, निवासी सुदामा नगर, इंदौर (मध्य प्रदेश)
5. प्रदीप (26) पुत्र नरेंद्र, निवासी इंदौर (मध्य प्रदेश)
6. महक (22) पुत्री महेश, निवासी इंदौर (मध्य प्रदेश)
7.योगानी (21) पुत्री सेलेन्द्र, निवासी इंदौर (मध्य प्रदेश)
8. जितेंद्र पांडे (45) निवासी दशहरा मैदान, पटेल कॉलोनी
9. अभिनव पांडे (13) पुत्र जितेंद्र, निवासी दशहरा मैदान, पटेल कॉलोनी
10. विशुलाल (65) पुत्र बलवंत सिंह, निवासी भिलसेड़ी, (मध्य प्रदेश)
11. शिखा (31) निवासी नीम का थाना, सीकर
12. चंद्रप्रकाश (66) पुत्र हीरालाल, निवासी डबरा (मध्य प्रदेश)
13. दिव्या (25) पुत्री दीपक, निवासी बडवाह (मध्य प्रदेश)

4 लोग लापता
1. निर्मला पत्नी चंद्रप्रकाश निवासी इंदौर
2. प्रियंका (33) पत्नी जितेंद्र पांडे निवासी बड़वाह (मध्य प्रदेश)
3. भूमि (20) भोर पुत्री भारत भोर निवासी बजरंग नगर, इंदौर (मध्य प्रदेश)
4. दीपू (60) पुत्र नरवत सिंह निवासी रामपुरा कला, सीहोर (मध्यप्रदेश)

दोनों वाहन कबाड़ हुए, अधिकारी बोले- जांच कर रहे हैं

मौके पर पहुंचे अधिकारियों का कहना है कि बस के अंदर कुछ नहीं बचा है। बस और ट्रेलर पूरी तरह से कबाड़ में बदल गए हैं। आग बुझने के करीब तीन घंटे बाद बस के अंदर जांच की जा रही हैं। सिगरेट भरे होने के दावों पर पुलिस ने फिलहाल कुछ नहीं कहा है।

बस में फंस गए थे पैसेंजर्स, समय पर नहीं मिली मदद

इंदौर के रहने वाले चंद्रप्रकाश गुप्ता ने बताया- हम 30 जून की शाम 5 बजे बस में बैठे थे। मैं पत्नी के साथ ऊपर की बर्थ पर था। आग लगने के बाद किसी ने मुझे खींचकर बाहर निकाला। इसके बाद मैंने पत्नी को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसका पैर फंसा हुआ था। वह बेहोश हो गई थी। धुआं भरने से दम घुट रहा था। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मदद का प्रयास कर रहे थे। बस से बाहर निकलते समय रास्ते में एक व्यक्ति लहूलुहान मिला, उसे भी बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग को फोन किया। तब तक करीब साढ़े तीन बज चुके थे। करीब एक घंटे तक कोई मदद के लिए नहीं पहुंचा। सब जलते रहे, कितने लोग जिंदा जल गए...।

ट्रेलर का ड्राइवर और खलासी भी घायल

पुलिस के अनुसार स्लीपर स्पीड में ट्रेलर में घुसी थी। इसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। ट्रेलर के ड्राइवर और खलासी भी गंभीर घायल हुए हैं।

बस में सिगरेट बॉक्स भरे होने का दावा

हादसे के पास के गांव सुमेरकला के निवासी महेंद्र नागर ने बताया- मैं मौके पर पहुंचा तो न एंबुलेंस पहुंची थी और न ही फायर ब्रिगेड। एंबुलेंस को मैंने ही कॉल किया था। फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची। यदि समय पर पहुंच जाती, तो आग पर काबू पाया जा सकता था। बस का स्टोरेज बॉक्स सिगरेट के पैकेटों से भरा हुआ था।

अब तक केवल 9 घायलों की पहचान

SP पीयूष दीक्षित ने बताया कि स्लीपर बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी। दौसा जिले के तनावड़ में जीरो पॉइंट पर एक्सीडेंट हो गया। हादसे में पांच लोगों की जलने से और दो लोगों की सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हुई है। वहीं, अब तक 9 घायलों की पहचान हुई है।

एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां देर से पहुंचीं

स्थानीय लोगों ने बताया कि एक्सीडेंट और आग की जानकारी करीब 3.20 बजे पुलिस और एक्सप्रेसवे के मैनेजमेंट के लोगों को दी गई थी। लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां देरी से मौके पर पहुंची। हादसे के करीब एक घंटे बाद बस में फंसे पैसेंजर्स को बाहर निकाला गया।