भोपाल मेट्रो में पहली बार बैठे यात्री, सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी मेट्रो

भोपाल मेट्रो सेवा आज रविवार यानी 21 दिसंबर से आम जनता के लिए शुरू हो जाएगी। मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होगी।

भोपाल मेट्रो में पहली बार बैठे यात्री, सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी मेट्रो

भोपाल मेट्रो सेवा आज रविवार यानी 21 दिसंबर से आम जनता के लिए शुरू हो गई है। पहली बार मेट्रो का कमर्शियल रन रविवार सुबह ठीक 9 बजे एम्स स्टेशन से हुआ। मेट्रो 30 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंची। पहली बार करीब 100 यात्रियों ने सफर किया। इसके साथ ही भोपाल में मेट्रो चलाने वाला 26वां शहर बन गया है। इसके पहले भोपाल में 20 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल मेट्रो का शुभारंभ किया।

आधुनिक सुविधाओं से लैस मेट्रो

मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होगी। भोपाल मेट्रो को आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया गया है। सभी स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन के अंदर आरामदायक सीटें, स्वच्छ वातावरण और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।

यात्रियों के लिए नियम और प्रतिबंध

सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों के लिए जरूरी नियम और प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची भी जारी की है, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मेट्रो में नुकीली वस्तुएं जैसे खुखरी, तलवार, 10 सेंटीमीटर (4 इंच) से अधिक लंबाई वाले चाकू, बाली काटने वाली कैंची और मीट क्लीवर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इसके साथ ही बंदूकें और आग्नेयास्त्र, गोला-बारूद, एयर राइफल, बीबी गन, पैलेट गन, स्टार्टर पिस्टल, गन लाइटर, स्टन गन, हथियारों की यथार्थवादी प्रतिकृति और हथियारों के पुर्जे भी मेट्रो में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

पहला चरण: 7 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर

भोपाल मेट्रो के पहले चरण में प्रायोरिटी कॉरिडोर एम्स भोपाल से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक लगभग 7 किलोमीटर का है। आने वाले समय में यह मेट्रो शहर के अन्य प्रमुख इलाकों को भी आपस में जोड़ेगी। भोपाल मेट्रो को शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या का बड़ा समाधान माना जा रहा है। रोज़ाना दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और अन्य कामों के लिए सफर करने वाले हजारों यात्रियों को इससे तेज़, सुरक्षित और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद

मेट्रो के शुरू होने से न सिर्फ समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। यही कारण है कि भोपाल मेट्रो को पर्यावरण के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है।