Bhopal AIIMS और People's University को बम से उड़ाने की धमकी निकली झूठी
भोपाल एम्स और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी। सोमवार तड़के करीब 3 बजे दोनों संस्थानों को अलग-अलग ई-मेल भेजा गया।
भोपाल एम्स और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी झूठी निकली है। एक धमकी भरा ई-मेल दोनों संस्थानों को अलग-अलग भेजा गया था। सूचना मिलते ही संबंधित थानों की पुलिस, बम और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची और सर्चिंग शुरू की। कई घंटों तक चली तलाशी में कहीं कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद जांच में धमकी झूठी साबित हुई।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि एक ही व्यक्ति द्वारा सेम कंटेंट के साथ बार-बार ईमेल भेजे जा रहे हैं। पहले भी दो बार कोड वर्ड के साथ मेल भेजा गया था। संदिग्ध अलग-अलग ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर रहा है। आईपी एड्रेस के आधार पर जांच जारी, जल्द आरोपी की पहचान कर ली जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों संस्थानों में एहतियातन पूरे इंतजाम किए गए।

ई-मेल में सायनाइड बम से ब्लास्ट की चेतावनी
दरअसल, भोपाल स्थित एम्स और पीपुल्स यूनिवर्सिटी दोनों संस्थानों को सोमवार तड़के करीब 3 बजे अलग-अलग धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था। ई-मेल में लिखा था- आपके कॉलेज में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट करेंगे। सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों और स्टूडेंट्स को निकाल लें। अल्लाह हू अकबर।
बम स्क्वॉड और डॉग टीम ने की सघन जांच
सूचना मिलते ही संबंधित थानों की पुलिस, बम और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची और सर्चिंग शुरू की। एम्स में बागसेवनिया थाने के टीआई अमित सोनी और उनकी टीम ने तलाशी अभियान चलाया। वहीं, पीपुल्स यूनिवर्सिटी में निशातपुरा टीआई मनोज पटवा सहित थाना स्टाफ ने सर्च ऑपरेशन किया।

बम धमकी से हड़कंप, जांच में निकली फर्जी
कई घंटों तक चली तलाशी में कहीं कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद धमकी झूठी साबित हुई। पुलिस ने ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस के आधार पर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से मेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ट्रेस कर लिया जाएगा।
पीपुल्स को 19 फरवरी को भी मिली थी धमकी
इससे पहले 19 फरवरी को भी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच अभियान चलाया था। हालांकि, परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।
Varsha Shrivastava 
