सऊदी अरब में अरामको रिफाइनरी पर ईरान का हमला 

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का आज तीसरा दिन है, और इस बीच संघर्ष पिछले कई देशों तक फैल गया है.

सऊदी अरब में अरामको रिफाइनरी पर ईरान का हमला 

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का आज तीसरा दिन है, और इस बीच संघर्ष पिछले कई देशों तक फैल गया है. सबसे ताज़ा बड़ी खबर सऊदी अरब से है, जहां ईरान समर्थित ड्रोन हमले में Saudi Aramco की रिफाइनरी रास तनूरा (Ras Tanura) को निशाना बनाया गया है. यह रिफाइनरी खाड़ी क्षेत्र की सबसे बड़ी तेल सुविधा में से एक है और इसकी क्षमता लगभग 5.5–6 लाख बैरल प्रति दिन के आसपास है. जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

हमला और प्रभाव

ईरानी ड्रोन/मिसाइल हमले के बाद रास तनूरा रिफाइनरी पर आग लग गई और सुरक्षा कारणों से इसका संचालन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार हमले में बड़ी दुर्घटना नहीं हुई, लेकिन यह ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर सीधा निशाना है और वैश्विक तेल बाजार तथा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है. रिफाइनरी बंद होने और युद्ध के बीच तेल की कीमतों में तेज़ी दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक बाजारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है. 

 युद्ध का विस्तार

यह हमला इस्लामिक गणराज्य ईरान की प्रतिक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में खाड़ी देशों और हथियारबंद समूहों पर हमलों को तेज़ करना है. इजराइल के अलावा हमले कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के रणनीतिक बिंदुओं पर भी दर्ज किए गए हैं, जहाँ मिसाइल और ड्रोन हवाई हमलों की खबरें आई हैं।

लेबनान में ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन Hezbollah भी अब युद्ध में सक्रिय हो चुका है और उस पर इजरायल के कई हिस्सों में हमला करने का आरोप है।

 क्या हैं हालात?

ईरान में जारी हमलों के दौरान अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और 740 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. एक मिसाइल हमले में एक स्कूल पर भी प्रहार हुआ, जहां दर्जनों छात्राओं की मौत की खबरें हैं.