MP के बाद गुजरात में बिगड़े हालात, दूषित पानी पीने से 150 से ज्यादा बीमार
गुजरात के गांधीनगर के कई सेक्टरों में दूषित पानी की सप्लाई से टाइफाइड फैलने पर हड़कंप मचा है, प्रशासन इलाज व साफ पानी की व्यवस्था में जुटा है.मध्य प्रदेश के बाद गुजरात में भी बिगड़े हालात रहे है.
गुजरात:मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत की खबर ने पहले ही पूरे देश को झकझोर दिया है. और अब गुजरात से भी दूषित पानी को लेकर ऐसी ही चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। वहां पर भी सैकड़ों लोग बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में गंदा पानी पीने से पिछले तीन दिनों 104 बच्चे 150 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। इनमें से 50% बच्चों को टाइफाइड हुआ है। हालात इतने बिगड़े कि सिविल अस्पताल में बच्चों भर्ती करने के लिए नया वार्ड खोलना पड़ा।
कांग्रेस बोली- BJP का 'जहरीला मॉडल
इसको लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है।कांग्रेस ने हमला बोलते हुए कहा कि BJP का 'जहरीला मॉडल'। गुजरात की राजधानी गांधी नगर में गंदा पानी पीने से 150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं। पिछले कई दिनों से गंदा पानी लोगों के घरों में सप्लाई हो रहा था। बहुत शिकायतों के बाद भी सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की और अब लोगों की जान पर बन आई है।कांग्रेस ने आगे कहा कि याद रहे..। इंदौर में गंदा पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग बीमार हैं। वहां भी यही कहानी दोहराई गई थी। BJP लोगों के घरों में जहर बांट रही है और सवाल पूछने पर उसे 'फोकट' के सवाल बतला रही है।कांग्रेस ने कहा कि मध्य प्रदेश में पिछले 20 साल से और गुजरात में पिछले 30 साल से BJP की सरकार है- जहां ये पीने का साफ पानी तक मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं।कांग्रेस ने कहा कि सवाल है कि क्या ये 'जहरीला' पानी BJP के नेता, मंत्री और खुद नरेंद्र मोदी पी पाएंगे?
इन सेक्टरों में रह रहे लोगों में भय का माहौल
गौरतलब है कि गुजरात की राजधानी गांधीनगर के सेक्टर 24, 26, 28 और आदिवाड़ा इलाके में टाइफाइड के मामलों में अचानक तेजी आई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इन इलाकों में दूषित पानी पीने की वजह से 130 लोग टाइफाइड से पीड़ित हुए हैं। सभी संक्रमित मरीजों का इलाज फिलहाल गांधीनगर सिविल अस्पताल में चल रहा है। कुछ लोग अपने परिवार के साथ गांव या फिर रिश्तेदारी में चले गए हैं. प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की कई टीमों को इन सेक्टरों में कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं. डॉक्टरों की टीम लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है. जिन लोगों का स्वास्थ्य ज्यादा खराब है उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है. प्रशासन का दावा है कि 22 डॉक्टरों की एक टीम को जांच व उपचार के काम में लगाया.प्रशासन ने पानी की सप्लाई जांची तो 10 जगह लीकेज मिले। स्मार्ट सिटी योजना के तहत करोड़ों की लागत से बिछाई गई नई पाइपलाइन में यह लीकेज थे।
गुजरात से पहले मध्यप्रदेश में बिगड़े थे हालात
इससे पहले देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण उल्टी-दस्त होने से 17 लोगों के मरने का दावा किया जा रहा है जबकि प्रशासन का कहना है कि गंदा पानी पिने से केवल चार मरीजों की जान गई है। वहीं दो हजार से ज्यादा लोगों को उल्टी-दस्त की गंभीर दिक्कतों के साथ अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है।
sanjay patidar 
