पौष पूर्णिमा पर 35 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी, माघ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ
विश्व प्रसिद्ध माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो चुका है और पहले ही स्नान पर्व पर 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
प्रयागराज: पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रयागराज की संगम की रेती एक बार फिर श्रद्धा, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। विश्व प्रसिद्ध माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो चुका है और पहले ही स्नान पर्व पर 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
हर-हर गंगे और जय मां गंगा के जयघोष से संगम क्षेत्र गूंज उठा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और दिव्य वातावरण ने पहले ही दिन यह संकेत दे दिया कि इस वर्ष का माघ मेला ऐतिहासिक बनने जा रहा है। 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। व्हीलचेयर पर संगम स्नान करते बुजुर्ग, घाटों पर लगातार पेट्रोलिंग करती सुरक्षा गाड़ियां और चारों ओर आस्था में डूबे श्रद्धालु माघ मेले की भव्यता को दर्शाते नजर आए।
श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेले में व्यापक चिकित्सा इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में कुल 80 एंबुलेंस तैनात की गई हैं, जिनमें से 50 एंबुलेंस मेला क्षेत्र और 30 शहर क्षेत्र में लगाई गई हैं। शहर क्षेत्र की एंबुलेंस रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, पार्किंग और होल्डिंग एरिया में तैनात हैं।
अब तक माघ मेले के दौरान बनाए गए अस्पतालों की ओपीडी में 7,000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच चुके हैं। त्रिवेणी अस्पताल में 12 ओपीडी कक्ष बनाए गए हैं, जहां पैथोलॉजी, माइनर ओटी और महिलाओं के प्रसव के लिए लेबर रूम की भी व्यवस्था की गई है। गंगा और त्रिवेणी दोनों अस्पतालों में एक-एक गायनेकोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है।
योगी सरकार की ओर से माघ मेले में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत किया गया है। मेला क्षेत्र में 20-20 बेड के दो बड़े अस्पताल बनाए गए हैं, जिनमें सेक्टर दो में त्रिवेणी अस्पताल और सेक्टर पांच में गंगा अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 5 होम्योपैथी और 5 आयुर्वेदिक अस्पताल भी स्थापित किए गए हैं। इन सभी चिकित्सा केंद्रों में कुल 75 डॉक्टर और 219 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, जिसमें फार्मासिस्ट, ओटी टेक्नीशियन, नर्स और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
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