बरदहा घाटी में गणतंत्र दिवस पर आदिवासियों ने शुरू किया जेल भरो आंदोलन
सिरमौर के बरदहा घाटी में आदिवासियों ने जमीन के अधिकार को लेकर गणतंत्र दिवस पर जेल भरो आंदोलन की शुरुआत की।
रीवा जिले के सिरमौर नगर परिषद क्षेत्र के बरदहा घाटी, वार्ड क्रमांक 05 में रहने वाले आदिवासियों ने गणतंत्र दिवस को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। इस मौके पर बिरसा मुंडा विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुकांत कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने अपने विचार रखे और भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर शपथ लेकर एक नए आंदोलन की शुरुआत की। यह आंदोलन अपनी जमीन बचाने को लेकर किया जा रहा है।

विष्णुकांत कुशवाहा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस आदिवासी बस्ती में 300 से ज्यादा परिवार रहते हैं, लेकिन शासन-प्रशासन सुविधाएं देने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में सिरमौर के तहसीलदार अनुपम पांडे बिना कोई नोटिस दिए बस्ती में पहुंचे और लोगों को जमीन खाली करने की धमकी दी।

तहसीलदार ने कहा कि यह जमीन सरकारी नहीं है और अगर सरकारी भी है तो आदिवासी यहां नहीं रह सकते। आदिवासियों का कहना है कि उन्हें लगातार मुकदमा करने और जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। इसी के विरोध में अब आदिवासी एकजुट होकर जेल भरो आंदोलन शुरू कर चुके हैं।
आगामी दिनों में आदिवासी अपने हक की लड़ाई के लिए सिरमौर से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर जेल चलो आंदोलन करने की तैयारी में हैं।
Saba Rasool 
