मैहर में बच्चों को रद्दी कॉपियों के पन्नों पर परोसा मिड-डे मील
मैहर जिले से गणतंत्र दिवस के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है।
मैहर: मैहर जिले से गणतंत्र दिवस के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। दरअसल, जिले के शासकीय हाई स्कूल भटिगंवा में गणतंत्र दिवस के दिन विशेष भोज (मिड-डे मील) का आयोजन किया गया था, लेकिन मिड डे मील के नाम पर बच्चों के साथ जो सुलूक किया गया वह हैरान करने वाला था। बच्चों को खाना खाने के लिए थाली या पत्तल नहीं, बल्कि रद्दी कॉपियों और किताबों के पन्नों पर भोजन परोसा गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल
बताया जा रहा है कि बच्चे स्कूल में गणतंत्र दिवस मनाने के लिए आए थे और मिड-डे मील के दौरान बच्चों को खाना खाने के लिए थाली या प्लेट तक नसीब नहीं हुई। बच्चों को रद्दी कागज में खाना दिए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में जमीन पर बैठे हुए हैं। उनके सामने न कोई थाली है न ही प्लेट है। बच्चे मजबूरी में पुरानी काॉपियों और किताबों के पन्नों में खाना खा रहे हैं।
स्याही वाला खाना जहर समान
विशेषज्ञों के मुताबिक, अखबार या लिखे हुए रद्दी कागज पर खाना रखकर खाना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। प्रिंटिंग स्याही में लेड और खतरनाक रसायन होते हैं, जो गर्म खाने के संपर्क में आकर पेट में जाते हैं और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सेहत की रत्ती भर भी परवाह नहीं की।
गणतंत्र दिवस पर पेपर में परोसा खाना
सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए बर्तन खरीदने और रखरखाव के लिए सरकार अलग से बजट देती है। इसके बावजूद अगर गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को कागज पर खाना दिया जा रहा है। स्कूल में की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रही हैं। स्थानीय लोगों को कहना है कि क्या शिक्षा विभाग बच्चों को सम्मानजनक तरीके से भोजन नहीं करवा सकता है।
कलेक्टर ने लिया एक्शन
इस मामले में भटगवा स्कूल में बच्चों को कागज में विशेष भोज देने की खबर को संज्ञान में लेकर कलेक्टर मैहर रानी बाटड ने संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की है। जिला शिक्षा केंद्र मैहर के डी पी सी के प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार शासकीय हाई स्कूल भटगवाके प्रभारी प्राचार्य सुनील कुमार त्रिपाठी के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर रीवा को भेजा गया है। संविदा कर्मचारी बी आर सी प्रदीप सिंह का एक माह का वेतन काटा गया है। साथ ही कलेक्टर ने इस लापरवाही पर जिला पंचायत की मध्यान्ह भोजन शाखा प्रभारी और डी पी सी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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