Satna में 4 दिन तक पोस्टमार्टम कक्ष में पड़ा रहा शव, नगर निगम ने बताया- JCB में डीजल नहीं

सतना जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में एक अज्ञात शव चार दिन तक पड़ा रहा। नगर निगम पर जेसीबी में डीजल नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार में देरी के आरोप लगे हैं।

Satna में 4 दिन तक पोस्टमार्टम कक्ष में पड़ा रहा शव, नगर निगम ने बताया- JCB में डीजल नहीं

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से प्रशासनिक लापरवाही का एक संवेदनशील मामला सामने आया है। जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में एक अज्ञात शव पिछले चार दिनों से रखा हुआ है, लेकिन उसके अंतिम संस्कार की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। आरोप है कि नगर निगम ने शव को दफनाने के लिए जेसीबी भेजने में डीजल की कमी का हवाला दिया।

जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने अज्ञात शव के दफन की कार्रवाई के लिए नगर निगम को पत्र भेजा था। आरोप है कि नगर निगम की ओर से मौखिक रूप से बताया गया कि जेसीबी में डीजल नहीं है और ईंधन उपलब्ध होने के बाद ही वाहन भेजा जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, नगर निगम पर पेट्रोल पंप का करीब 70 लाख रुपये का बकाया है। भुगतान नहीं होने के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित बताई जा रही है। इसी वजह से निगम के कई वाहन संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे शव को मुक्तिधाम तक पहुंचाने की व्यवस्था भी नहीं हो सकी। इसके चलते शव 72 घंटे से अधिक समय तक पोस्टमार्टम कक्ष में पड़ा रहा।

यह पहला मामला नहीं है। शुक्रवार को बांस नाका नाले में गिरी एक गाय को निकालने में भी नगर निगम की ओर से ईंधन की कमी का हवाला दिए जाने की बात सामने आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल इस मामले में न तो पुलिस प्रशासन और न ही नगर निगम के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान दिया है। वहीं, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।