राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी चौकीदार को सुप्रीम कोर्ट से राहत

कान मालिक लोकेश सिंह तोमर की संलिप्तता की जांच के फिर से मेघालय सरकार को जांच करने के निर्देश दिए

राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी चौकीदार को सुप्रीम कोर्ट से राहत

राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी बनाए गए चौकीदार बलवीर को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दे दी है। जबकि मकान मालिक लोकेश सिंह तोमर की संलिप्तता की जांच के फिर से मेघालय सरकार को जांच करने के निर्देश दिए हैं। बचाव पक्ष से जुड़े वकील देवेश शर्मा के मुताबिक मामले में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आदेश पारित किया है, जिसमें आरोपी बलवीर को अदालत ने डिस्चार्ज कर दिया है, जबकि अन्य आरोपियों के संबंध में जांच अभी जारी है।

चौकीदार बलवीर को डिस्चार्ज कर दिया गया

दरअसल, इंदौर के बहुचर्चित हनीमून मर्डर मिस्ट्री यानी राजा रघुवंशी हत्याकांड में बचाव पक्ष से जुड़े वकील देवेश शर्मा ने कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों, केस डायरी और जांच के आधार पर आदेश पारित किया है। जिसके तहत चौकीदार बलवीर को डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में एक आरोपी बलवीर के अलावा अन्य आरोपियों के संबंध में जांच अभी जारी है। उनका कहना है कि अदालत ने यह माना है कि कुछ बिंदुओं पर आगे की जांच आवश्यक है और पुलिस को उसी दिशा में विवेचना जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मकान मालिक के खिलाफ फिर से जांच के निर्देश 

वकील देवेश शर्मा ने कहा कि फिलहाल जांच अधूरी है और इंदौर के जिस मकान में सोनम छुप कर रुकी थी उस मकान के मालिक लोकेश सिंह भदौरिया के खिलाफ फिर से जांच किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि मेघालय सरकार की इस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

वकील देवेश शर्मा ने कहा कि बचाव पक्ष इस मामले पर कोई अनावश्यक टिप्पणी नहीं करना चाहता, क्योंकि जांच अभी जारी है। शर्मा ने स्पष्ट किया कि बलवीर को इस मामले में डिस्चार्ज किया गया है, जबकि अन्य आरोपी अब भी मामले का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की आगे की जांच और अदालत की आगामी कार्यवाही के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।