पश्चिम एशिया संकट पर बोले मोदी: तनाव चिंताजनक है, Strait of Hormuz का रास्ता रोकना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
पीएम मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया युद्ध पर पहली बड़ी स्पीच दी। उन्होंने कहा- नागरिकों और पावर प्लांट्स पर हमले बर्दाश्त नहीं, होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉकेज स्वीकार्य नहीं। 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता, 3.75 लाख सुरक्षित लौट चुके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में चल रहे संकट पर पहली बार विस्तृत बयान दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तनाव चिंताजनक है और इसका जल्द समाधान बातचीत से होना चाहिए। नागरिकों और पावर प्लांट्स पर हमले अस्वीकार्य हैं, साथ ही होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) का रास्ता रोकना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह भाषण 23 मार्च 2026 को संसद के बजट सत्र के दौरान दिया गया, जहां पीएम ने भारत पर पड़ने वाले प्रभाव, ऊर्जा सुरक्षा, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सरकारी तैयारियों पर फोकस किया।
पीएम मोदी की मुख्य बातें:
तेल-गैस संकट पर:
सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस की कमी न हो। पहले 27 देशों से आयात होता था, अब 41 देशों से किया जा रहा है। 65 लाख मीट्रिक टन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व तैयार है। अलग-अलग सप्लायर्स से संपर्क में हैं, जहाजों की सुरक्षित पहुंच के लिए सहयोगियों से बात हो रही है।
अन्न-राशन और खेती पर:
पर्याप्त अन्न भंडार उपलब्ध है। आपात स्थिति के लिए इंतजाम मजबूत हैं। किसानों को यूरिया 300 रुपये से कम में मिल रही है। 6 नए यूरिया प्लांट बने हैं, नैनो यूरिया और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पिछले 11 वर्षों में, देश ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को लगभग 3 गीगावाट से बढ़ाकर 140 गीगावाट कर दिया है। पिछले एक वर्ष में, देश भर में लगभग 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री सूर्यगढ़ मुफ्त बिजली योजना ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गोवर्धन योजना के तहत, देश… pic.twitter.com/yYif8NqcER
— SansadTV (@sansad_tv) March 23, 2026
भारतीयों की सुरक्षा:
खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। संकट में उनकी सुरक्षा प्राथमिकता है। अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं (ईरान से हजारों शामिल)। 700+ मेडिकल छात्र भी सुरक्षित हैं। 24x7 हेल्पलाइन और मिशन सक्रिय हैं।
पावर सप्लाई और बिजली:
गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है, बिजली की डिमांड बढ़ेगी। पावर प्लांट्स में कोल स्टॉक पर्याप्त है। हर सिस्टम की मॉनिटरिंग हो रही है।
एनर्जी सेक्टर और रणनीति:
एनर्जी इकोनॉमी की रीढ़ है। वेस्ट एशिया ग्लोबल सोर्स है। प्रभाव कम करने के लिए रणनीति बनाई गई है। रोज मीटिंग वाला ग्रुप आयात-निर्यात की दिक्कतों पर काम कर रहा है। सोलर (140 GW), रूफटॉप सोलर (40 लाख), बायोगैस (200 प्लांट), न्यूक्लियर और हाइड्रो पावर को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कूटनीति में भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात की है। मैंने सभी से तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया है। भारत ने नागरिकों, ऊर्जा और परिवहन अवसंरचना… pic.twitter.com/7IFbBMWeYn
— SansadTV (@sansad_tv) March 23, 2026
जंग और डिप्लोमेसी पर:
भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है। पीएम ने क्षेत्रीय नेताओं से बात की। कॉमर्शियल जहाजों पर हमला अस्वीकार्य है। भारत शांति के लिए सभी को प्रोत्साहित कर रहा है। संसद से एकजुट आवाज दुनिया को जानी चाहिए।

यह संकट (मुख्यतः ईरान-इजरायल/अमेरिका संबंधित) होर्मुज स्ट्रेट के जरिए 20% ग्लोबल ऑयल/गैस/LPG फ्लो को प्रभावित कर रहा है। भारत ने पहले से डायवर्सिफिकेशन (रूस, अन्य स्रोत) और स्टॉक बढ़ाकर तैयारी की है। पीएम ने जोर दिया कि भारत सभी देशों के साथ संतुलित रुख रखते हुए अपनी जरूरतें सुरक्षित रखेगा।

