जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: छात्रों पर केस नहीं होगा, CJI बोले- सख्ती करने वाले जवानों को बचाएं न सरकार

NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। CJI सूर्यकांत ने पुलिस की सख्ती पर भी अहम टिप्पणी की।

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: छात्रों पर केस नहीं होगा, CJI बोले- सख्ती करने वाले जवानों को बचाएं न सरकार

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ी के विरोध में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सोमवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि सरकार अपने वादे पर कायम है और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कानून के मुताबिक उचित कदम उठाए जाएंगे।

सरकार ने कहा- छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी

सुनवाई के दौरान वकील वृंदा ग्रोवर ने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी या रद्द की जाएंगी। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस संबंध में कुछ गलतफहमी थी, लेकिन सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के अपने आश्वासन पर गंभीर है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया है तो उसे बेवजह संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन की आड़ में किसी आपराधिक तत्व को भी बचाया नहीं जाना चाहिए।

SIT गठन पर विचार

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दो अहम पहलुओं पर विचार कर रहा है। पहला, प्रदर्शनकारियों और पैलेट गन से घायल लोगों के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जा सकता है। दूसरा, यह जांच की जा सकती है कि पुलिस पर हमला छात्रों ने किया था या भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने।

पिछली सुनवाई में क्या कहा था

28 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि जिन नाबालिग प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा किया जाए।

साथ ही महाराष्ट्र, बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल सरकारों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई में जवाब मांगा गया था।

डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित राज्यों को प्रदर्शन से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। इनमें सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज, वायरलेस संचार रिकॉर्ड, PCR लॉग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल हैं।

20 जुलाई को हुआ था संसद मार्च

20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)' ने NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में संसद मार्च निकाला था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।

प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। बाद में 25 जुलाई को उनके इस्तीफे और अन्य मांगें स्वीकार किए जाने के बाद 36 दिन से चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया गया।


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जंतर-मंतर प्रदर्शन: छात्रों पर केस नहीं होगा, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दोहराया वादा

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NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। CJI सूर्यकांत ने पुलिस की सख्ती पर भी अहम टिप्पणी की।

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