MP बोर्ड रिजल्ट जारी: 5वीं में सरकारी स्कूल अव्वल, 8वीं में निजी आगे, भोपाल टॉप-10 से बाहर
मध्यप्रदेश में 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणाम घोषित हुए। 5वीं में सरकारी स्कूल आगे रहे, जबकि 8वीं में निजी स्कूलों ने बढ़त बनाई। छोटे जिलों और ग्रामीण छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। भोपाल टॉप-10 से बाहर रहा।
भोपाल: मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने बुधवार को कक्षा 5वीं और 8वीं के बोर्ड पैटर्न परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। मंत्रालय स्थित स्कूल शिक्षा विभाग कार्यालय से दोपहर करीब 1 बजे स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने एक क्लिक के जरिए नतीजे जारी किए। इस वर्ष 5वीं में सरकारी स्कूलों ने बाजी मारी, जबकि 8वीं में निजी स्कूल आगे रहे। खास बात यह रही कि राजधानी भोपाल दोनों ही कक्षाओं में टॉप-10 जिलों में जगह नहीं बना सका।
5वीं में सरकारी स्कूलों का दमदार प्रदर्शन
कक्षा 5वीं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 95.40 प्रतिशत रहा, जबकि निजी स्कूलों का 94.79 प्रतिशत दर्ज किया गया। परीक्षा में 12,76,404 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें से 12,14,344 पास हुए। कुल परिणाम 95.14 प्रतिशत रहा।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री @udaypratapmp ने घोषित किया 5वीं और 8वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम
— School Education Department, MP (@schooledump) March 25, 2026
कक्षा 5वीं में 95.14 प्रतिशत और 8वी में 93.83 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण
विगत वर्ष से लगभग 3 प्रतिशत बेहतर परिणाम
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8वीं में निजी स्कूलों की बढ़त बरकरार
कक्षा 8वीं में निजी स्कूलों ने 95.20 प्रतिशत सफलता दर के साथ बढ़त हासिल की, जबकि सरकारी स्कूलों का परिणाम 93.03 प्रतिशत रहा। इस परीक्षा में 10,92,580 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें से 10,25,157 पास हुए। कुल परिणाम 93.83 प्रतिशत रहा।
छोटे जिलों ने बड़े शहरों को पछाड़ा
इस बार नरसिंहपुर, झाबुआ, डिंडोरी और अलीराजपुर जैसे जिलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया। भोपाल दोनों ही कक्षाओं में टॉप-10 से बाहर रहा। संभाग स्तर पर भी भोपाल पिछड़ा रहा, जबकि 8वीं में इंदौर और नर्मदापुरम संभाग शीर्ष पर रहे।
ग्रामीण छात्रों और बेटियों का शानदार रिजल्ट
ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों ने शहरी छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया।5वीं में ग्रामीण रिजल्ट 95.94 प्रतिशत और शहरी 93.03 प्रतिशत रहा।8वीं में ग्रामीण छात्रों का परिणाम 94.11 प्रतिशत और शहरी का 93.20 प्रतिशत रहा।
वहीं, बेटियों ने एक बार फिर बाजी मारी।5वीं में बालिकाओं का पास प्रतिशत 96.19 रहा, जबकि बालकों का 94.15 प्रतिशत।8वीं में लड़कियों का रिजल्ट 94.98 प्रतिशत और लड़कों का 92.74 प्रतिशत रहा
ए प्लस-ए ग्रेड पाने वालों की संख्या में इजाफा
गुणवत्ता के स्तर पर भी इस बार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने बेहतर ग्रेड हासिल किए।5वीं में 43,184 छात्रों ने ए प्लस और 3,05,353 ने ए ग्रेड प्राप्त किया।8वीं में 82,092 छात्रों ने ए प्लस और 3,26,457 ने ए ग्रेड हासिल किया।
फेल छात्रों को दूसरा मौका, 1 अप्रैल से प्रवेशोत्सव
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि असफल छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है। नई शिक्षा नीति के तहत ‘द्वितीय परीक्षा’ का प्रावधान किया गया है, जिससे छात्र मई-जून में पूरक परीक्षा देकर अगली कक्षा में प्रवेश ले सकेंगे।आगामी सत्र के लिए 1 अप्रैल से ‘प्रवेशोत्सव’ अभियान शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल से जोड़ना और ड्रॉपआउट कम करना है। सरकार ने अप्रैल के पहले सप्ताह तक सभी छात्रों को किताबें और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
sanjay patidar 
