‘नारी शक्ति वंदन’ पर दिन भर बवाल: CM बोले- ‘MP मतलब महिला सशक्तिकरण प्रदेश’, ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संकल्प पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर उठाने की मांग की।
मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र सुबह 11 बजे से शुरू हुआ, जिसमें महिला सशक्तिकरण और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जा रही। सत्र की शुरुआत परंपरा के अनुसार दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की गई। इसमें पूर्व विधायकों और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के निधन का उल्लेख किया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।
मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ प्रस्तुत किया
विधानसभा में ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ को लेकर सोमवार को संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संकल्प पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर उठाने की मांग की, जिस पर अध्यक्ष ने संकल्प प्रस्तुत होने के बाद अवसर देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने अभी कुछ कहा ही नहीं, तो प्वाइंट ऑफ ऑर्डर किस बात पर मांगा जा रहा है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने अशासकीय संकल्प पर निर्णय को लेकर सवाल उठाया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था के अनुसार सभी को बोलने का अवसर दिया जाएगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ प्रस्तुत किया। संकल्प में देश की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने और परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो संकल्प पत्र पहले दिया जाता है, उस पर पहले चर्चा कराई जाती है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हमारा अशासकीय संकल्प पत्र पहले दिया गया। नियम के अनुसार, उस पर चर्चा कराना चाहिए। हमारी मांग है कि 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।
ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस MLA, पुलिस ने रोका
इधर, कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा पहुंच गए थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें मंत्रालय के आगे बैरिकेडिंग करके रोक लिया गया। अभिजीत शाह का कहना है कि उन्होंने ट्रैक्टर का पास बनवाया था, जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक्टर ले जाने की अनुमति नहीं है।

इसी बात को लेकर पुलिस और विधायक के बीच जमकर बहस हुई और धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद विधायक सदन में गेंहू का गठ्ठा लेकर चले गए।
सीएम की गैरमौजूदगी पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इतने गंभीर विषय पर चर्चा चल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री सदन में मौजूद नहीं हैं। विधानसभा में वॉकआउट के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार के शासकीय संकल्प पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने के बजाय परिसीमन के बाद टालना चाहती है।
सिंघार ने कहा कि भाजपा के प्रस्ताव में साफ है कि आरक्षण 2028-29 के बाद, परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि यह महिलाओं को तत्काल लाभ देने की मंशा नहीं दिखाता। उन्होंने बताया कि विपक्ष की मांग है कि वर्तमान सीटों के आधार पर ही विधानसभा और लोकसभा में तुरंत महिला आरक्षण लागू किया जाए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में रही है और अब बीजेपी भी उसी दिशा में बात कर रही है, जो स्वागत योग्य है। हालांकि उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लेने का अवसर आया, तब सरकार ने स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों पर तुरंत आरक्षण लागू किया जाएगा।
उमंग सिंघार के अनुसार, कांग्रेस द्वारा इस विषय पर दबाव बनाए जाने के बाद सरकार ने अपना रुख बदला और अब शासकीय संकल्प के रूप में इसे पेश किया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह हर गंभीर मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है। उनके अनुसार, महिलाओं के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी सरकार की नीयत साफ नहीं है और यह कदम केवल दिखावे के लिए उठाया गया है।
महिला शक्ति वंदन बिल पर कांग्रेस का हमला


मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि केंद्र सरकार ने 3 दिन के विशेष सत्र बुलाया तो उम्मीद थी कि महिलाओं को उनका हक मिलेगा। लेकिन कांग्रेस ने अपना असली चेहरा और चरित्र दिखाया। यह कभी नहीं चाहते कि इस देश में महिला को आरक्षण मिले। महिलाएं आगे बढ़े क्योंकि इनकी सोच और उनकी नियत कभी महिलाओं के सम्मान की रही ही नहीं है। मंत्री कृष्णा गौर के भाषण पर कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वे इतना अच्छा भाषण देती हैं, इन्हें सीएम मोहन यादव की जगह बैठा देना चाहिए।
मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर तीखा हमला बोला है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस ने देश की महिलाओं को जो अधिकार देना चाह रहे थे, उसको छीना है। योजनाबद्ध तरीके से छीना है और इसलिए पूरा देश कांग्रेस की निंदा कर रहा है।
रामेश्वर शर्मा (विधायक)
मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ (महिला आरक्षण) को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सामान्य और साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियां संसद और विधानसभाओं तक पहुंचें।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लिए ‘शक्ति’ का मतलब केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा तक सीमित है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस केवल मां, बेटे और बेटी को ही सदन में देखना चाहती है। जब गरीब, किसान और मजदूर की बेटियों के संसद और विधानसभा में प्रतिनिधित्व की बात आई, तो कांग्रेस, सपा और टीएमसी जैसे दलों ने मिलकर इसे रोकने की कोशिश की।"
प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा मंत्री)
निश्चित रूप से हमारी पार्टी का, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्पष्ट एजेंडा है कि मातृशक्ति का सम्मान हो और उन्हें उनके अधिकार पूरी तरह मिलें। देश की 50% आबादी का उत्थान में योगदान सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
उसके लिए हर संभव प्रयास हमारी पार्टी कर रही है। लोकसभा में भी प्रस्ताव लाया गया, पर विपक्ष का चेहरा उजागर हो गया। जो लोग कहते थे "लड़की हूं, लड़ सकती हूं", उन्होंने ही अधिकार देने वाले प्रस्ताव का विरोध किया और वह प्रस्ताव गिर गया। इसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।
आज विधानसभा में भी माननीय मोहन यादव जी के नेतृत्व में यह संकल्प लाया जा रहा है कि हम नारी शक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए काम करेंगे।
उदय राव प्रताप सिंह (शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश)
मध्यप्रदेश विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर विशेष चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री उदय राव प्रताप सिंह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के आरक्षण और जनसंख्या के अनुपात में परिसीमन का जो संकल्प रखा था, उसे कांग्रेस और विपक्षी दलों ने रोकने का काम किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सदन में प्रस्ताव रखा गया है कि मध्यप्रदेश विधानसभा महिला आरक्षण को शीघ्र लागू करने के पक्ष में है। प्रदेश की जनता और सदन दोनों इस संकल्प के साथ हैं।
पत्रकारों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि स्वीकृति मिलने के बाद अगला आम चुनाव महिला आरक्षण के साथ कराया जाएगा। चूंकि मध्यावधि चुनाव नहीं होंगे, इसलिए अगला लोकसभा चुनाव ही इसका उचित समय होगा।
नरेंद्र शिवाजी पटेल (चिकित्सा शिक्षा मंत्री)
कांग्रेस केवल लटकाने, भटकाने और झटकाने का काम करती है। आज देश की जनसंख्या बढ़कर लगभग 145 करोड़ से अधिक हो गई है। जब जनसंख्या तीन गुना हो गई है, तो यदि सीटें डेढ़ गुना बढ़ाने का प्रस्ताव था, तो वह न्यायसंगत और तर्कसंगत था।
लेकिन कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाओं को आरक्षण मिले, इसलिए उन्होंने इसे लटकाने और भटकाने का प्रयास किया।
गोविंद सिंह राजपूत (खाद्य मंत्री)
मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया है। सत्र में शामिल होने पहुंचे खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि गेहूं की खरीदी जारी है।
कुछ स्थानों पर सैटेलाइट में गेहूं का डेटा स्पष्ट नहीं दिखने से दिक्कत हुई है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। पहले छोटे किसानों की खरीद की गई, अब बड़े किसानों से भी खरीद शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि तौल केंद्रों पर पानी और छाया जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सोहनलाल वाल्मीकि (कांग्रेस विधायक)
कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है और 2023 में भी इसका समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब तक इसे लागू नहीं कर पाई है और संशोधन विधेयक लाकर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।
उनके अनुसार, जनगणना और परिसीमन के नाम पर महिला आरक्षण को जानबूझकर रोका जा रहा है।
आरिफ मसूद (कांग्रेस विधायक)
जो सीटें हैं, उन्हीं पर महिला आरक्षण लागू कीजिए, हम समर्थन करेंगे। लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है। उन्होंने महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि मध्यप्रदेश की 230 सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए।
फूल सिंह बरैया (कांग्रेस विधायक)
बरैया ने कहा कि समाज में महिला और पुरुष गाड़ी के दो पहिए हैं, लेकिन एक पहिया अब भी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने महिलाओं के ऐतिहासिक उत्पीड़न का मुद्दा उठाया।
उनके “पैरों की जूती” वाले बयान पर मंत्री कृष्णा गौर ने आपत्ति जताई और माफी की मांग की। बाद में बरैया ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अपमान करना नहीं था।
विधानसभा में CM डॉ. मोहन यादव का सम्बोधन
मध्य प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब “MP का मतलब महिला सशक्तिकरण प्रदेश” है। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने सदन को प्रणाम करते हुए की और इसके बाद कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने संविधान संशोधन कर लोकतंत्र को कमजोर किया और परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर हमेशा दोहरा रवैया अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में हो या विपक्ष में, दोनों स्थितियों में परिसीमन का विरोध करती रही है।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सीएम मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने मिलकर महिलाओं को 33% आरक्षण से वंचित किया। अगर समय पर निर्णय लिया जाता तो आज विधानसभा सीटों की संख्या 230 से बढ़कर 345 हो सकती थी और SC/ST महिलाओं को भी आरक्षण का लाभ मिलता।
Varsha Shrivastava 


