भव्य सुर-संध्या में चमका विश्वरंग का मंच, सोना महापात्रा की आवाज़ ने बाँधा समां

सोना महापात्रा ने विश्वरंग 2025 के समापन पर अपनी लोक, सूफी और बॉलीवुड प्रस्तुतियों से पूरा माहौल मंत्रमुग्ध कर दिया।दर्शकों ने विश्व रंग के कार्यक्रम की खूब सराहना की.

भव्य सुर-संध्या में चमका विश्वरंग का मंच, सोना महापात्रा की आवाज़ ने बाँधा समां

भोपाल: 29 नवंबर रवींद्र भवन में  विश्व रंग उत्सव के आखरी दिन का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में फेमस सिंगर सोना महापात्रा ने अपने प्रस्तुति दी. बेदर्दी राजा सॉन्ग से उन्होंने कार्यक्रम की शुरआत की और बॉलीवुड के कई फेमस सांग जैसे जिया लागे ना, अम्बर सरिया और आई गिरी नंदिनी गाना भी गया. आयोजन के अंतिम दिन असम के मशहूर लोक नृत्य बिहू की भी प्रस्तुति हुई.विश्वरंग टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 के समापन दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह सोना महापात्रा के नाम रही। रवीन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर उनकी दमदार और भावपूर्ण परफॉर्मेंस ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

सोना ने अपने हिट सॉन्ग “बेदर्दी राजा” से शो की शुरुआत की और पहले ही मिनट से युवा ऑडियंस का एनर्जी लेवल हाई हो गया। इसके बाद उन्होंने जब “आई गिरी नंदिनी” गाया, तो मंच पर आध्यात्मिक और शक्तिमय माहौल बन गया।सूफी क्लासिक “छाप तिलक” की उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। माहौल को रोमांटिक रंग देते हुए सोना ने “जिया लागे न” गाया, जिसे सुनकर सभागार में पूर्ण सन्नाटा और भावनाओं की गूंज एक साथ महसूस हुई।भक्ति रस की छटा लिए “नारायण राम रमणा” ने सभी को दिव्यता की अनुभूति करवाई। और जैसे ही उन्होंने सुपरहिट ट्रैक “अम्बर सरिया” शुरू किया, पूरा सभागार तालियों और डांसिंग वाइब्स से गूंज उठा दर्शक स्वतः ही उनके सुरों में सुर मिलाने लगे।

 रवींद्र भवन में  आयोजित हुए इस सबसे बड़े उत्सव ‘विश्वरंग–2025 में देश-विदेश से आए साहित्यकारों, कलाकारों और युवाओं को संबोधित किया.