MP में अवैध खनन पर 3 जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई; वाहन जब्त, लाखों का जुर्माना
पब्लिक वाणी से बातचीत में सचिव खनिज साधन, आलोक कुमार सिंह ने कहा- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मध्य प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बीते 3 दिनों में बड़ी कार्रवाई की है। 22 से 24 मार्च 2026 के बीच सीहोर, नर्मदापुरम और विदिशा जिलों में संयुक्त जांच दल ने लगातार छापेमारी कर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कोशिश की। इस दौरान कई ट्रैक्टर-ट्रॉली, डम्पर और मशीनें जब्त की गईं, साथ ही लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। पब्लिक वाणी से बातचीत में सचिव खनिज साधन, आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


संयुक्त जांच दल की कार्रवाई तेज
संचालनालय, भौमिक तथा खनिज विभाग के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल में खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग शामिल रहे। इन टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की गतिविधियों की जांच की और मौके पर ही कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य न सिर्फ अवैध गतिविधियों को रोकना है, बल्कि इससे जुड़े नेटवर्क को भी तोड़ना है।
सीहोर में ट्रैक्टर-ट्रॉली और डम्पर जब्त
सीहोर जिले में 22 से 24 मार्च के बीच कई स्थानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 12 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली और 3 डम्पर जब्त किए गए। साथ ही अवैध खनन के भी मामले सामने आए हैं। प्रशासन ने सभी मामलों में संबंधित थानों में प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि खनिज नियमों के तहत इन वाहनों पर जुर्माना लगाया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई भी जारी है।
नर्मदापुरम में रेत और मशीनें पकड़ी गईं
नर्मदापुरम जिले में भी संयुक्त टीम ने सख्ती दिखाते हुए अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की। यहां एक लोडर मशीन जब्त की गई, लगभग 50 घनमीटर रेत मौके पर जब्त की गई, कई ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक डम्पर पकड़ा गया और जेसीबी जैसी मशीनें भी कार्रवाई के दायरे में आईं। अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में मौके पर ही जब्ती की कार्रवाई की गई और संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
विदिशा में भारी जुर्माना, 2000 पत्थर जब्त
विदिशा जिले में अवैध खनन और बिना रॉयल्टी परिवहन के मामलों में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। यहां बिना रॉयल्टी के कई ट्रक पकड़े गए, 10 डम्पर रेत जब्त की गई, करीब 2000 नग फर्शी पत्थर जब्त किए गए और सबसे खास बात यह रही कि यहां आरोपियों पर भारी जुर्माना लगाया गया। जिसमें ₹53,600, ₹4,43,200, ₹2,12,000 (दो मामलों में), ₹30,000 जैसे बड़े जुर्माने शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की सख्ती से अवैध खनन करने वालों में डर का माहौल बनेगा।
लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। संचालनालय स्तर पर गठित जांच दल को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला स्तर पर भी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पब्लिक वाणी से बातचीत में सचिव खनिज साधन, आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
अवैध खनन पर सरकार का सख्त रुख
मध्य प्रदेश सरकार ने अवैध खनन को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। लगातार हो रही कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत दिया जा रहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राजस्व नुकसान को भी रोका जा सकेगा।
तीन दिनों के भीतर तीन जिलों में हुई इस बड़ी कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अब अवैध खनन के खिलाफ पूरी तरह सक्रिय हो गया है। वाहन जब्ती, भारी जुर्माना और लगातार छापेमारी से यह संदेश दिया गया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं है। आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
Varsha Shrivastava 
