Kuno National Park : कूनो में जन्मी मादा चीता ने जन्में 4 शावक, मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा - चार साल और चार नए जीवन
Kuno National Park : कूनो नेशनल पार्क में जन्मी मादा चीता KGP12 ने 4 शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने यह जानकारी दी है।
Kuno National Park : मध्य प्रदेश। कूनो नेशनल पार्क से चीता संरक्षण को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के एक दिन बाद, 18 सितंबर को मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने इस जन्म को प्रोजेक्ट चीता के लिए खास उपलब्धि बताया।
भारत में जन्मी चीता ने बढ़ाया कुनबा
KGP12 का जन्म भारत में ही हुआ था। अब उसके चार शावकों को जन्म देने से देश में चीता संरक्षण की मुहिम को नया महत्व मिला है। यह घटना भारत में जन्मे चीतों के प्राकृतिक प्रजनन की दिशा में आगे बढ़ते प्रयासों का संकेत देती है। कूनो में चीतों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और उनकी संख्या बढ़ाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। जानकारी के अनुसार, चार नए शावकों के जुड़ने से भारत में जीवित चीतों की संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है। इसे प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के अवसर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जा रहा है।
मंत्री ने बताया खास पड़ाव
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से वीडियो शेयर किया है। केंद्रीय मंत्री ने इस पोस्ट में लिखा कि, प्रोजेक्ट चीता के लिए सचमुच एक ऐतिहासिक और खुशी का पल! भारत के चीता प्रोजेक्ट के चार साल पूरे होने के एक दिन बाद, भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने कूनो में चार शावकों को जन्म दिया है।
उन्होंने आगे लिखा कि, चार साल, चार नई जिंदगियां—उम्मीद, हिम्मत और भारत में चीता संरक्षण की बढ़ती सफलता का एक सुंदर प्रतीक। पूरे कूनो और प्रोजेक्ट चीता परिवार को बहुत-बहुत बधाई।
A truly historic and joyous moment for Project Cheetah!
— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 18, 2026
A day after India's Cheetah Project completed four years, KGP12, an Indian-born female cheetah, has given birth to four cubs in Kuno.
Four years, four new lives—a beautiful symbol of hope, resilience and the growing… pic.twitter.com/f1zbqSvx1b
पुनर्स्थापना से प्रजनन तक पहुंचा अभियान
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के साथ हुई थी। फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते और फरवरी 2026 में बोत्सवाना से नौ चीते भारत लाए गए। इन प्रयासों के साथ भारत में हुए प्रजनन से अब 56 जीवित चीतों की आबादी बताई गई है।
भारत में जन्मे चीतों की नई पीढ़ी
चार नए शावकों के जन्म के बाद भारत में जन्मे चीतों की संख्या 36 हो गई है। KGP12 का भारत में जन्म लेना और फिर यहीं चार शावकों को जन्म देना प्राकृतिक प्रजनन की दिशा में महत्वपूर्ण चरण के रूप में बताया जा रहा है। इससे भारत में जन्मी चीता पीढ़ी के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।
मध्य प्रदेश बना संरक्षण का प्रमुख केंद्र
चार शावकों के जन्म से पहले कूनो में 49 और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में तीन चीते थे। अब कूनो में 53 और मध्य प्रदेश में कुल 56 चीते बताए गए हैं। कूनो के साथ गांधी सागर में भी चीता संरक्षण का विस्तार किया गया है।
प्रधानमंत्री की पहल
प्रोजेक्ट चीता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से शुरू की गई चीता पुनर्स्थापना यात्रा का हिस्सा बताया गया है। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इसके संरक्षण, सुरक्षा और संवर्धन पर काम जारी होने की बात कही गई है। वन विभाग, विशेषज्ञ, पशु चिकित्सक और मैदानी अमला चीतों के स्वास्थ्य, निगरानी, सुरक्षा और आवास प्रबंधन पर लगातार काम कर रहे हैं।

