MP में 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू, इस बार किसानों को मिलेगा बोनस का लाभ

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी दो चरणों में होगी। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से, जबकि बाकी संभागों में 7 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी।

MP में 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू, इस बार किसानों को मिलेगा बोनस का लाभ

भोपाल: मध्य प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीदी दो चरणों में की जाएगी। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि किसानों की सुविधा और खरीदी व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। अलग-अलग संभागों में अलग तारीख से गेहूं खरीदी शुरू की जाएगी, ताकि केंद्रों पर भीड़ कम हो और पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।

1 अप्रैल से इन संभागों में शुरू होगी खरीदी

मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के अन्य सभी संभागों में 7 अप्रैल से गेहूं खरीदी की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।सरकार ने खरीदी केंद्रों का समय भी तय कर दिया है। शासकीय कार्य दिवसों में खरीदी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

किसानों को मिलेगा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस

राज्य सरकार ने इस बार किसानों को अतिरिक्त राहत देते हुए गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है। इसके बाद किसानों को गेहूं का कुल भाव 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा।सरकार का कहना है कि बोनस के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक बताई जा रही है, जिससे यह साफ है कि किसानों का सरकारी खरीदी व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है।प्रदेश के उज्जैन, इंदौर, भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीयन कराया है। सरकार का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा, ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही सभी खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की दिक्कत न हो।