Dhruv Rathee का दिल्ली पुलिस पर आरोप : गुंडे भेजकर मुझे किया किडनैप, घसीटते हुए ले गए...

Dhruv Rathee Video : ध्रुव राठी ने आरोप लगाया कि उन्हें अलग-अलग पुलिस थानों में ले जाया गया। उनका फोन भी ले लिया गया और वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। करीब 22 - 23 घंटे तक बैठाकर रखा ।

Dhruv Rathee का दिल्ली पुलिस पर आरोप : गुंडे भेजकर मुझे किया किडनैप, घसीटते हुए ले गए...

Dhruv Rathee Video : नई दिल्ली। यूट्यूबर ध्रुव राठी ने रविवार को दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर की सुबह सादे कपड़ों में आए करीब 20 लोगों ने उन्हें उनके घर से जबरन उठा लिया। राठी के अनुसार, उस समय वह अपने बेडरूम में सो रहे थे। उनकी मां ने दरवाजा खोला, तभी कुछ लोग घर में घुस आए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने परिवार के सदस्यों को धक्का दिया और उन्हें प्रतिक्रिया देने का मौका दिए बिना बाहर ले गए।

बोले- यह गिरफ्तारी नहीं, अपहरण था

ध्रुव राठी (Dhruv Rathee) ने दावा किया कि उन्हें न तो अपनी पहचान बताने वाले अधिकारियों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस वर्दी में आती और उन्हें थाने चलने के लिए कहती, तो वह सहयोग करते। राठी के मुताबिक, उन्हें घसीटकर बाहर ले जाया गया और चप्पल पहनने तक का मौका नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें चोटें आईं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

फोन छीना, वकीलों से मिलने नहीं दिया

राठी ने आरोप लगाया कि उन्हें अलग-अलग पुलिस थानों में ले जाया गया। उनका फोन भी ले लिया गया और वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें करीब 22 से 23 घंटे तक बैठाकर रखा गया। राठी ने सवाल उठाया कि किसी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई करते समय कानूनी प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने अपने माता-पिता के साथ कथित धक्का-मुक्की का आरोप भी लगाया। इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

सोनम वांगचुक का जताया आभार

ध्रुव राठी ने अपने बयान में सोनम वांगचुक का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बाद में अभिजीत दीपके और अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली। राठी ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि लोगों को इतना नहीं डराना चाहिए कि उनके मन से डर ही खत्म हो जाए। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक ने रिहाई नहीं होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, इस घटनाक्रम से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका के बयान भी चर्चा में

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका के बयानों का भी उल्लेख किया गया है। दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए उन्हें देश के लिए शर्मिंदगी का कारण बताया। 

वहीं, रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पद से हटाने के लिए वह जेल जाने तक को तैयार हैं।