Nepal Floods Video : नेपाल की बूढ़ी गंडकी में भीषण बाढ़ , पुल-घर बहे; लैंडस्लाइड से स्यारी नदी बंद
Nepal Floods Video : बाढ़ से 341 मेगावाट के बूढ़ी गंडकी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का निर्माण कैंप और कई मशीनें भी बह गईं। बाढ़ का पानी सुबह करीब 4 बजे बस्तियों में घुसा, जिसके बाद लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा।
Nepal Floods Video : गोरखा। नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। इससे कई गांवों में भारी नुकसान हुआ। कई घर और पुल पानी में बह गए। चार लोग लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा है। बाढ़ से 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना का निर्माण शिविर और मशीनें भी बह गईं।
Nepal is facing flash floods AGAIN ???? latest visuals from Gorkha district are heartbreaking.The entire Himalayan belt needs to learn from what’s happening in Nepal. Our mountains are fragile, and we can’t keep ignoring nature in the name of development. #Nepal https://t.co/x4j7OetIJF
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) October 11, 2026
भूस्खलन से नदी का रास्ता बंद
शुरुआती जानकारी के अनुसार, पहाड़ी इलाके में भूस्खलन के कारण स्यारी नदी का रास्ता बंद हो गया था। इससे पानी जमा हो गया। बाद में रुकावट टूटने पर पानी तेज बहाव के साथ नीचे आया। सुबह करीब चार बजे पानी बस्तियों में घुस गया। लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
प्रशासन ने भेजे अलर्ट संदेश
गोरखा जिला पुलिस के इंस्पेक्टर आकाश कंडेल के मुताबिक, सिरदिबास और धारचे क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख डॉ. धर्मराज उप्रेती ने बताया कि प्रशासन ने लोगों को एसएमएस भेजकर सतर्क किया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से खास सावधानी बरतने को कहा गया है।
बिहार के कई जिलों पर नजर
नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में भी खतरा बढ़ने की आशंका है। बूढ़ी गंडकी का पानी आगे त्रिशूली और नारायणी नदी से जुड़ता है। भारत में नारायणी नदी गंडक के नाम से बिहार में प्रवेश करती है। पानी का बहाव बढ़ने पर पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और वैशाली जैसे जिलों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, बिहार में जलस्तर बढ़ने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पहाड़ों में अचानक बाढ़ का खतरा
भूस्खलन से नदियों का रास्ता बंद होने पर पानी जमा हो सकता है। रुकावट टूटते ही पानी, पत्थर और मलबा तेजी से नीचे आते हैं। इससे बिना स्थानीय बारिश के भी बाढ़ आ सकती है। नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने भी भारी तबाही मचाई थी। उस आपदा में हजारों लोगों की मौत और लापता होने की खबरें सामने आई थीं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

