CM डॉ. मोहन यादव ने नेता प्रतिपक्ष को लिया आड़े हाथ, कहा - अराजकता फैला रहे राहुल गांधी
मुख्यमंत्री ने कहा कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह ECI का विरोध क्यों करती है, जबकि केरल में उसकी सरकार है। यदि उसे निर्वाचन प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो उसे अपने राजनीतिक निर्णयों और रुख पर भी विचार करना चाहिए।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से जब जनता किसी दल को पांच साल के लिए जनादेश देती है, तो विपक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी भूमिका का निर्वहन करे, संगठन को मजबूत बनाए और यह आत्ममंथन करे कि जनता उससे दूर क्यों हो रही है। इसके बजाय राहुल गांधी और उनके साथी यदि अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास करते हैं, जो उचित नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यह बात शनिवार को अपने बिहार प्रवास के दौरान मीडिया से संवाद में कहीं है।
कांग्रेस की कमजोर स्थिति के लिए आत्ममंथन की जरुरत
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह निर्वाचन आयोग का विरोध क्यों करती है, जबकि दूसरी ओर केरल में उसकी सरकार है। यदि उसे निर्वाचन प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो उसे अपने राजनीतिक निर्णयों और रुख पर भी विचार करना चाहिए। तमिलनाडु में डीएमके से अलग होकर विजय के साथ खड़े होने जैसे राजनीतिक घटनाक्रम भी जनता देख रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस की कमजोर होती स्थिति भी उसके लिए आत्ममंथन का विषय होनी चाहिए। कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने भीतर झांकने और अपनी राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण करने की जरूरत है।
आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा भारत
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने गठबंधन की राजनीति के लंबे दौर के बाद एक दल के नेतृत्व में स्थिर सरकार का अनुभव किया है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद उन्होंने जनता का विश्वास अर्जित किया और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के जनादेश का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि आज भारत आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। विपक्ष को भी इन उपलब्धियों पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए और लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सकारात्मक एवं रचनात्मक तरीके से करना चाहिए।
धार्मिक पर्यटन से एमपी में आई क्रांति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन धर्म में हमारे पितरों का भी अत्यंत महत्व है। मैं मध्यप्रदेश की धरती से आता हूं। आज बौद्ध गया में, बौद्ध धर्म की दृष्टि से भी अत्यंत महत्व का श्रद्धा का केंद्र है। ऐसे में बौद्धिज्म को बढ़ावा देने की दृष्टि से भी हमारी सरकार राज्य में काफी काम कर रही है। सनातन धर्म की दृष्टि से धार्मिक स्थानों पर तीर्थों के प्रबंधन को लेकर के सरकार के से काफी काम किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के आशीर्वाद से महाकाल के महालोक के बाद धार्मिक पर्यटन में एक तरह से हमारे राज्य में क्रांति आई है। वैसे बनारस, उज्जैन, सोमनाथ ऐसे सभी स्थानों को लेकर जिस प्रकार का वातावरण बना है। हमारी सरकार लगभग हर स्थान पर हर देवस्थान पर प्रबंधन के नए कीर्तिमान भी बना रही।
बिहार-एमपी का संबंध बहुत पुराना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार से हमारा संबंध हजारों साल पुराना है। बाईस सौ साल पहले भी सम्राट अशोक जब यहां पाटलिपुत्र में सम्राट थे तो उस काल में उज्जैन उनके युवराज की गद्दी थी, मगध और अवंती महाजनपद ये दो पूरे देश के अतीत के काल से संबंध रखते आए हैं। भगवान कृष्ण के पुत्र श्याम का मंदिर भी यहां है। इस प्रकार मध्यप्रदेश और बिहार के संबंध बहुत पुराने हैं।
उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करेंगे कि अपने राज्यों के बीच स्वस्थ संबंधों के बलबूते पर धार्मिक पर्यटन को मजबूती दें। हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ें। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सबको लेकर चल रहे हैं। मैं मठ मंदिर की नगरी उज्जैन से आता हूं। हमारे मठ-मंदिर किसके लिए हैं? मठ-मंदिर श्रद्धालुओं के लिए हैं। हम यहां फल्गु नदी के किनारे अपने पितरों का तर्पण भी कर रहे हैं, मां वैष्णो देवी की पूजा भी कर रहे हैं।

