MP में आउटसोर्स कर्मियों को अब सीधे खाते में मिलेगा वेतन

MP में आउटसोर्स कर्मियों को अब सीधे खाते में मिलेगा वेतन

MP में आउटसोर्स कर्मियों को अब सीधे खाते में मिलेगा वेतन

भोपाल:  MP सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को बिचौलिया कंपनियों के शोषण से राहत देने के लिए अब उनकी सैलरी सीधे बैंक खातों में देगी। एंट्री फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर वसूली करने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। राज्य सरकार 1 अप्रैल से सभी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर नई गाइडलाइन लागू करने जा रही है। इसके तहत आउटसोर्सिंग की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जाएगी। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, आउटसोर्स सेवाएं 27 मार्च 2027 तक चरणबद्ध रूप से समाप्त की जाएंगी। वित्त विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को आदेश जारी कर रिसोर्स आउटसोर्सिंग एजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने को कहा है।

बिचौलियों कंपनियों से राहत, नहीं होगा शोषण

नई व्यवस्था में वेतन निजी एजेंसियों के माध्यम से नहीं होगा। वेतन सीधे कर्मचारी के बैंक खातों में ट्रांसफर होगा। बिचौलियों और एजेंसियों द्वारा वेतन में कटौती या कमीशनखोरी नहीं की जा सकेगी।

न्यूनतम वेतन की गारंटी: न्यूनतम वेतन से एक रुपया भी कम नहीं दिया जाएगा। ईपीएफ, ईएसआई और श्रम कानूनों का पालन अनिवार्य होगा।

स्पष्ट श्रेणी और पहचान: सरकार ने पहली बार कर्मचारियों को स्पष्ट श्रेणियों (स्थायी, अस्थायी, संविदा, आउटसोर्स आदि) में बांट दिया है। इससे कोई भी कर्मचारी 'ग्रे जोन'में नहीं रहेगा।

शोषण से मुक्ति: भर्ती के नाम पर किसी भी तरह की एंट्री फीस या अवैध वसूली पर प्रतिबंध लगेगा। उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।