इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन 48 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन 48 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन, दो जिले के 28 गांव जुड़ेंगे

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन 48 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन

इंदौर: सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहरलाल खट्टर शामिल हुए। वहीं, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद रहे।

48 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन

करीब 48 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण लगभग 2935 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। यह मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। इसके बनने से इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा तेज और सुगम होगी। खासकर सिंहस्थ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

इस परियोजना के लिए कुल 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है। सरकार ने इसके बदले किसानों को 816 करोड़ रुपए से अधिक मुआवजा दिया है। खास बात यह रही कि किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन के बजाय बाजार और बिक्री दरों के आधार पर 4 से 8 गुना ज्यादा मुआवजा दिया गया, जिसे प्रदेश में पहली बार लागू किया गया है।

इंदौर के 20, उज्जैन के 8 गांव जुड़ेंगे

ग्रीन कॉरिडोर से इंदौर जिले के 20 गांव और उज्जैन जिले के 8 गांव सीधे जुड़ेंगे। इसके अलावा आसपास के 40 से 50 गांवों के करीब 15 लाख लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालु एयरपोर्ट से सीधे इस कॉरिडोर के जरिए उज्जैन पहुंच सकेंगे, जिससे सिंहस्थ के दौरान ट्रैफिक का दबाव कम होगा।