मध्य प्रदेश की अफसर ओजस्वी टेंभरे ने सिंगापुर में बढ़ाया भारत का मान
मध्य प्रदेश के MSME विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर ओजस्वी टेंभरे ने सिंगापुर में पांच दिन के इंटरनेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम में राज्य की नीतियों और शिवपुरी के खास उत्पाद को वैश्विक मंच पर पेश किया।
मध्य प्रदेश के MSME विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर ओजस्वी टेंभरे ने सिंगापुर में भारत का प्रतिनिधित्व किया। पांच दिन के इंटरनेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम में उन्होंने राज्य की नीतियों और शिवपुरी के खास उत्पाद को वैश्विक मंच पर पेश किया। ओजस्वी टेंभरे ने अपने टैलेंट से ग्लोबल स्टेज पर इंडेलिबल मार्क छोड़ी है।
सिंगापुर के Civil Service College में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में #MSME विभाग, मध्यप्रदेश की सहायक संचालक श्रीमती ओजस्वी टेंभरे ने भारत का प्रतिनिधित्व कर बढ़ाया प्रदेश का गौरव
— MSME Department, MP (@minmpmsme) June 15, 2026
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जानिए क्या है पूरा मामला
मध्यप्रदेश की अधिकारी ओजस्वी टेंभरे सिंगापुर में ट्रेनिंग प्रोग्राम में हुईं शामिल ।
भारत से सिर्फ एक प्रतिभागी चुना गया था और यह मौका उन्हें मिला।
सिंगापुर सहयोग कार्यक्रम के तहत यह ट्रेनिंग 08 से 12 जून 2026 तक चली।
करीब 25 देशों के अफसरों ने इस ट्रेनिंग में हिस्सा लिया।
टेंभरे ने सिंगापुर के अधिकारियों को शिवपुरी का मशहूर जैकेट भेंट किया।
SCP का मेन ऑब्जेक्टिव क्या है
सिंगापुर सरकार के विदेश मंत्रालय की तरफ से एक खास कार्यक्रम चलाया जाता है। इसका नाम सिंगापुर सहयोग कार्यक्रम यानी एससीपी है। इसके अंतर्गत ट्रेड एंड बिजनेस डेवलपमेंट पर पांच दिवसीय ट्रेनिंग का आयोजन हुआ। कार्यक्रम 08 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का मेन ऑब्जेक्टिव ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को ग्लोबल बूस्ट देना था। इसके साथ ही स्टार्टअप डेवलपमेंट और इनोवेशन को मजबूत करना भी इसका लक्ष्य था। वहां के स्टार्टअप इकोसिस्टम और कौशल विकास कार्यक्रमों की गहराई से स्टडी कराया गया। एडमिनिस्ट्रेटिव अरेंजमेन्ट्स को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की सफल तकनीकों को भी सिखाया गया।

प्रोग्राम में और क्या सिखाया गया
ट्रेनिंग प्रोग्राम में अधिकारियों को केवल थ्योरी ही नहीं सिखाई गई। उन्हें जमीनी स्तर पर काम देखने के लिए कई संस्थानों का भ्रमण भी कराया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन और प्रसिद्ध स्टार्टअप केंद्र ब्लॉक 71 का दौरा किया। इसके अलावा उन्होंने जुरोंग इनोवेशन डिस्ट्रिक्ट की प्रोसीजर को भी करीब से देखा। इन दौरों से इंडस्ट्री और एजुकेशनल इंस्टीटूशन्स के बीच आपसी सहयोग को समझने का अवसर मिला।
SCP में ओजस्वी टेंभरे का चयन कैसे हुआ
इस इंटरनेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम का क्रेडिट बहुत बड़ा है। इसमें शामिल होने के लिए पूरी दुनिया से वरिष्ठ अधिकारियों को चुना जाता है। इस बार विश्व के लगभग 25 देशों के रिप्रेजेन्टेटिव इसका हिस्सा बने। देश से केवल एक रिप्रेजेन्टेटिव को चुना गया। मध्य प्रदेश की ओजस्वी टेंभरे को सिंगापुर में भारत को रिप्रेजेन्ट करने का मौका मिला। उन्होंने वहां ग्लोबल एक्सपर्ट्स के साथ इम्पोर्टेन्ट इकोनॉमिक इश्यूज पर बातचीत की।

वहां के स्टार्टअप इकोसिस्टम और कौशल विकास कार्यक्रमों की गहराई से स्टडी कराया गया। एडमिनिस्ट्रेटिव अरेंजमेन्ट्स को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की सफल तकनीकों को भी सिखाया गया। इसके अलावा उन्होंने जुरोंग इनोवेशन डिस्ट्रिक्ट की प्रोसीजर को भी करीब से देखा। इन दौरों से इंडस्ट्री और एजुकेशनल इंस्टीटूशन्स के बीच आपसी सहयोग को समझने का अवसर मिला।

ओजस्वी टेंभरे ने मंच पर एमपी का मॉडल कैसे रखा
ओजस्वी टेंभरे ने इस वैश्विक मंच का यूज मध्य प्रदेश की खूबियों को बताने में किया। उन्होंने विभिन्न देशों के रेप्रेसेंटेटिव के साथ अपने प्रशासनिक अनुभव साझा किए। उन्होंने मध्य प्रदेश में बिजनेस ऑपरेशन्स में फैसिलिटी यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रयासों को रेखांकित किया। राज्य शासन द्वारा निवेशकों के लिए बनाई गई मित्र नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में स्टार्टअप और एमएसएमई क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों को भी सामने रखा।
शिवपुरी जैकेट और वोकल फॉर लोकल का प्रेजेंटेशन
इस जर्नी में ओजस्वी टेंभरे ने एमपी की रिच हेंडीक्राफ्ट ट्रेडिशन को ग्लोबल प्लेटफार्म पर प्रेजेंट किया। उन्होंने "One District One Product" योजना के तहत प्रसिद्ध शिवपुरी जैकेट को उपहार स्वरुप चुना। उन्होंने ये जैकेट सिंगापुर के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भेंट की। ओजस्वी ने स्थानीय कारीगरों के हुनर और वोकल फॉर लोकल की भावना की भी जमकर तारीफ की।

प्रेजेंटेशन से एमपी को क्या लाभ होगा
इस सक्सेसफुल ट्रेनिंग के बाद ओजस्वी टेंभरे को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने इस पूरे अनुभव को राज्य के विकास के लिए एक्सट्रेमेली यूजफुल बताया। उन्होंने कहा कि वहां से सीखे गए तरीके मध्य प्रदेश के स्टार्टअप को मजबूत करेंगे। ग्लोबल पर्सपेक्टिव का यूज प्रदेश के एंटरप्रेन्योर को नए अंतरष्ट्रिीय अवसर दिलाने में होगा। इससे आत्मनिर्भर और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण के संकल्प को नई ताकत मिलेगी।

