भोपाल में कल से BRICS संस्कृति सम्मेलन, 10 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल; संस्कृति मंत्री और 100 से ज्यादा विदेशी मेहमान पहुंचेंगे

भोपाल में 5 से 8 अगस्त तक BRICS संस्कृति कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी। मिंटो हॉल में प्रदर्शनियां, BRICS Cultural Festival, सांची भ्रमण और विदेशों में मौजूद भारतीय आर्टिफैक्ट्स की वापसी का मुद्दा भी बैठक में उठाया जाएगा।

भोपाल में कल से BRICS संस्कृति सम्मेलन, 10 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल; संस्कृति मंत्री और 100 से ज्यादा विदेशी मेहमान पहुंचेंगे

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल बुधवार (5 अगस्त) से चार दिनों तक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है। भारत की अध्यक्षता में BRICS संस्कृति कार्य समूह (BRICS Culture Working Group) और BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक का आयोजन 5 से 8 अगस्त तक होगा। इस सम्मेलन में 10 से अधिक देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और 100 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि शामिल होंगे।

सम्मेलन का मुख्य आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में होगा। यहां तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।

पहले दिन होगा प्रतिनिधियों का स्वागत

5 अगस्त को BRICS देशों के प्रतिनिधिमंडल भोपाल पहुंचेंगे। उनका पंजीकरण, द्विपक्षीय बैठकें और विशेष प्रदर्शनियों का भ्रमण कराया जाएगा। शाम को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS) में पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत होगा। यहां लोक संस्कृति, मिट्टी शिल्प, कथक, जनजातीय नृत्य और भारतीय पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन भी होगा।

आम जनता के लिए भी खुलेंगी प्रदर्शनियां

5 से 8 अगस्त तक मिंटो हॉल में 'ज्ञान भारतम', 'प्रोजेक्ट मौसम' और 'प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत' पर आधारित तीन विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। ये प्रदर्शनियां आम लोगों के लिए भी खुली रहेंगी और भारत की सांस्कृतिक विरासत, समुद्री संबंधों और सभ्यतागत इतिहास को प्रदर्शित करेंगी।

6 अगस्त को सांस्कृतिक सहयोग पर मंथन

6 अगस्त को BRICS संस्कृति कार्य समूह की बैठक में सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, संग्रहालय, रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। शाम को रविंद्र भवन में BRICS Cultural Festival का आयोजन होगा, जहां विभिन्न देशों के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।

7 अगस्त को होगा भव्य सांस्कृतिक महोत्सव

7 अगस्त को BRICS Culture Festival 2026 का मुख्य आयोजन होगा। इसमें भारत सहित BRICS देशों के कलाकार एक मंच पर प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'BRICS Peace Song – Peace is the Language of the Land' होगा।

इसी दिन मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 'अमृतस्य मध्य प्रदेश' नामक भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। 125 से अधिक कलाकारों की यह प्रस्तुति भीमबेटका, सांची, खजुराहो, चित्रकूट, उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वरी-चंदेरी और मध्य प्रदेश की जनजातीय संस्कृति की झलक पेश करेगी।

8 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की बैठक

8 अगस्त को BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इसमें सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए साझा घोषणा पत्र (Declaration) पर चर्चा होगी। बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधि यूनेस्को विश्व धरोहर सांची स्तूप का भ्रमण करेंगे और योग, ध्यान तथा लाइट एंड साउंड शो में शामिल होंगे।

9 अगस्त को इच्छुक प्रतिनिधियों को भीमबेटका रॉक शेल्टर्स का भी भ्रमण कराया जाएगा।

भोपाल की संस्कृति और स्वाद से होंगे रूबरू

सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों के लिए हेरिटेज वॉक, शिकारा राइड, बर्ड वॉचिंग, हस्तशिल्प खरीदारी और मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का विशेष इंतजाम किया गया है। उन्हें मालवी, बुंदेली, निमाड़ी सहित प्रदेश के स्थानीय स्वाद से भी परिचित कराया जाएगा।

विदेशों में मौजूद भारतीय धरोहरों की वापसी का मुद्दा भी उठेगा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि BRICS सम्मेलन में विदेशों में मौजूद भारत की चोरी हुई प्राचीन धरोहरों (Artifacts) की वापसी का मुद्दा भी उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक 650 से अधिक भारतीय आर्टिफैक्ट्स विदेशों से वापस लाए जा चुके हैं। वहीं, लंदन के एक संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्राचीन प्रतिमा को वापस भारत लाने के लिए पिछले एक वर्ष से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और संबंधित म्यूजियम से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि यह प्रतिमा भी जल्द भारत वापस लाई जा सकेगी।