इंदौर में ‘शून्य से शतक’ तक कार्यक्रम: CM बोले- अटल जी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत

इंदौर में ‘शून्य से शतक’ तक कार्यक्रम: CM बोले- अटल जी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत

इंदौर के डेली कॉलेज में ‘शून्य से शतक: एक शताब्दी अटल भारत की’ स्मरणोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने दौरान पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व और कृतित्व की जमकर प्रशंसा की।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारतीय राजनीति के इतिहास में ऐसे नेता बहुत विरले ही होते हैं, जिन्हें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से समान रूप से सम्मान प्राप्त हो। अटल जी ने राजनीति में कई ऐसी मिसालें और आदर्श स्थापित किए हैं, जिन्हें देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने उनके व्यक्तित्व को सर्वसमावेशी बताते हुए नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई के जीवन और उनके सिद्धांतों से हमने बहुत कुछ सीखा है। उनके द्वारा स्थापित किए गए मूल्य आने वाली पीढ़ियों को सदैव सही मार्ग दिखाते रहेंगे और देश के विकास में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

अटल जी ने दुनिया में भारत की शक्ति का परिचय कराया

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी प्रचारक, लेखक, पत्रकार, कवि, राजनेता और अनेकों रूपों में अपनी छाप छोड़ गए। विपक्ष में रहकर लंबे समय तक वे सत्ता को सही दिशा दिखाते रहे। पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में अटल जी ने हिंदी में भाषण दिया। इमरजेंसी में इतने बड़े नेता होते हुए भी वे सहज रूप से जेल चले गए। 24 दलों के साथ मिलकर सरकार चलाने का काम सिर्फ अटल जी ही कर सकते थे। परमाणु परीक्षण करके उन्होंने पूरी दुनिया में भारत की शक्ति का परिचय करवाया।

वहीं राज्यपाल मांगूभाई पटेल ने कहा वे एक विराट व्यक्तित्व थे। उनका व्यक्तित्व राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। उन्होंने भारतीय राजनीति में समानता का भाव स्थापित किया।