वैष्णो देवी जा रही ट्रेन लुधियाना में दो हिस्सों में बंटी, 1200 यात्रियों की जान बाल-बाल बची

पंजाब के Ludhiana रेलवे स्टेशन पर वैष्णो देवी जा रही स्पेशल ट्रेन में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। करीब 1200 यात्रियों से भरी ट्रेन का एक कोच तकनीकी खराबी के कारण दूसरे डिब्बे से अलग हो गया, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। घटना के दौरान धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

वैष्णो देवी जा रही ट्रेन लुधियाना में दो हिस्सों में बंटी, 1200 यात्रियों की जान बाल-बाल बची

लुधियाना: लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन (04081) का स्लीपर कोच (S-2) अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ दो हिस्सों में बंट गया। गनीमत यह रही कि हादसा ट्रेन के स्टेशन से रवाना होते समय (धीमी गति में) हुआ, जिससे ट्रेन में सवार सभी 1200 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। अगर यह हादसा हाईस्पीड के दौरान होता, तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था।

पंजाब में 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' की बरसी के कारण पहले से ही सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, ऐसे में धमाके की खबर मिलते ही रेलवे अधिकारियों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

कैसे और कब हुआ हादसा?
ट्रेन का नाम:
न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल (04081)

समय:
यह ट्रेन शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे दिल्ली से रवाना हुई थी और सुबह 8:47 बजे लुधियाना पहुंची।

घटना:
लुधियाना स्टेशन पर 5 मिनट रुकने के बाद जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ने लगी, अचानक एक तेज आवाज हुई। ट्रेन के S-2 कोच के वॉशरूम (टॉयलेट) वाले हिस्से का पैनल और कपलर (दो डिब्बों को जोड़ने वाला हिस्सा) टूट गया, जिससे कोच अपने साथ वाले डिब्बे से अलग हो गया।

यात्रियों में दहशत:
तेज आवाज सुनते ही कोच के अंदर बैठे यात्री डर के मारे कांपने लगे और तुरंत डिब्बे से बाहर आ गए।

घटना पर बड़े आधिकारिक और प्रत्यक्षदर्शी बयान
1. ADCP समीर वर्मा (लुधियाना पुलिस) - यह वेल्डिंग फेलियर है, कोई ब्लास्ट नहीं, लुधियाना रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 9 बजे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस के S-2 कोच में तकनीकी खराबी आई थी। जांच में सामने आया है कि कोच के वॉशरूम वाले हिस्से में अचानक दरार (ब्रेकेज) आ गई थी। तकनीकी स्टाफ के मुताबिक, यह मामला वेल्डिंग फेलियर का लग रहा है। कोच पुराना होने के कारण वेल्डिंग कमजोर थी। यह कोई ब्लास्ट या विस्फोट नहीं है, सभी यात्री सुरक्षित हैं और अफवाहों पर ध्यान न दें।

2. संजीव कुमार (DRM, फिरोजपुर डिवीजन) - कोच की उम्र 15 साल थी, जांच होगी, ट्रेन चलने लगी तो S-2 बोगी का एन-पैनल ब्रेक हो गया, जिसके बाद स्टाफ ने तुरंत गाड़ी रुकवाई। किसी चीज के टूटने पर आवाज आना स्वाभाविक है, आवाज का सटीक कारण जांच का विषय है। आमतौर पर एक रेल डिब्बे की उम्र 25 साल होती है, जबकि यह डिब्बा सिर्फ 15 साल पुराना था। इन दो डिब्बों को अलग करके नई बोगियां जोड़ी जा रही हैं ताकि यात्रियों को रवाना किया जा सके।

3. अमित चौहान (ट्रेन में सवार यात्री) - माता रानी की कृपा से बचे, दिल्ली में ही था शक, यह ट्रेन दिल्ली से ही अपने तय समय (रात 11:30 बजे) से लेट होकर रात 2:30 बजे चली। दिल्ली में स्टोर में खड़ी पुरानी बोगियों को लाकर इस ट्रेन को तैयार किया गया था। हमें तभी शक हो गया था कि इस पुराने डिब्बे में गड़बड़ी है। लुधियाना में जब ट्रेन चली तो जोरदार आवाज हुई। यह तो माता रानी की कृपा थी कि स्पीड कम थी, वरना बड़ा हादसा हो जाता। रेलवे को लोगों की जान से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।

आगे की कार्रवाई
रेलवे प्रशासन की ओर से प्रभावित बोगियों को ट्रेन से अलग कर दिया गया है। यात्रियों को उनके गंतव्य (कटरा) तक सुरक्षित भेजने के लिए ट्रेन में नए डिब्बे जोड़ने की तैयारी की जा रही है। रेलवे के उच्च अधिकारी मामले की तकनीकी जांच में जुट गए हैं।