भोपाल में पीने के पानी में मिला टॉयलेट वाला बैक्टीरिया

भोपाल में पीने के पानी में मिला टॉयलेट वाला बैक्टीरिया निगम ने कॉलोनी प्रबंधन को दिया नोटिस, कहा- 3 दिनों में हो शुद्ध पानी की सप्लाई

भोपाल में पीने के पानी में मिला टॉयलेट वाला बैक्टीरिया

भोपाल: अवधपुरी की क्रिस्टल आइडल सिटी फेज-1 कॉलोनी में सप्लाई हो रहे पानी की जांच में गड़बड़ी सामने आई है। नगर निगम की लैब जांच में कुछ घरों के पानी में ई-कोलाई और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले हैं, जो आमतौर पर गंदगी और मल-जनित प्रदूषण का संकेत माने जाते हैं।

रिपोर्ट में पानी को पीने योग्य नहीं बताया गया है। इसके बाद नगर निगम ने कॉलोनी प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर पाइपलाइन की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि जब तक समस्या दूर नहीं होती, तब तक रहवासियों को टैंकर से साफ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

टैंक का पानी साफ, घरों तक पहुंचते-पहुंचते हुआ गंदा

नगर निगम ने कॉलोनी के मुख्य पानी के टैंक (सम्प टैंक) का भी सैंपल जांच के लिए भेजा था। रिपोर्ट में टैंक का पानी पूरी तरह साफ मिला। लेकिन जब कुछ घरों से पानी के नमूने लिए गए तो उनमें बैक्टीरिया पाए गए। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कॉलोनी के अंदर कहीं पाइपलाइन में लीकेज या कोई दूसरी गड़बड़ी है, जिसकी वजह से पानी घरों तक पहुंचते- पहुंचते गंदा हो जा रहा है।

इन घरों के पानी में मिली गड़बड़ी

नगर निगम के नोटिस के मुताबिक कॉलोनी के मकान नंबर 55, 56, 19 और 09 से पानी के सैंपल लिए गए थे। जांच में इन घरों का पानी पीने लायक नहीं पाया गया। रिपोर्ट में पानी के दूषित होने की पुष्टि हुई है।

 जांच में निकला बैक्टीरिया

वाटर टेस्टिंग लैब की रिपोर्ट के अनुसार मकान नंबर 55 के पानी में 270 टोटल कोलीफॉर्म और 30 ई-कोलाई बैक्टीरिया मिले हैं। जबकि पीने के साफ पानी में इन दोनों बैक्टीरिया की मात्रा शून्य होनी चाहिए। इसी वजह से लैब ने इस पानी को पीने योग्य नहीं माना।

कॉलोनी प्रबंधन को क्या निर्देश दिए गए

नगर निगम ने कहा है कि कॉलोनी के अंदर पानी की सप्लाई और पाइपलाइन की देखरेख कॉलोनी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। जांच में पता चला है कि टैंक से घरों तक जाने वाली लाइन में कहीं गंदा पानी मिल रहा है।

क्या है ई-कोलाई बैक्टीरिया

ई-कोलाई एक ऐसा बैक्टीरिया है जो आमतौर पर इंसानों और जानवरों के मल में पाया जाता है। पानी में इसके मिलने का मतलब है कि कहीं न कहीं गंदगी या सीवर का पानी पेयजल में मिल रहा है। यह अक्सर पाइपलाइन लीकेज या सीवर और पानी की लाइन के आपस में संपर्क में आने से होता है।

ऐसा पानी पीने से क्या हो सकता है

डॉ. मनीश बताते है कि ऐसा दूषित पानी पीने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं जैसे दस्त और डायरिया, उल्टी आना पेट दर्द और मरोड़,पेट और आंतों में संक्रमण,बुखार

बच्चों और बुजुर्गों में गंभीर संक्रमण

 कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों की हालत ज्यादा बिगड़ सकती है। इससे बच्चों बुजुर्गों और रोगियों को ज्यादा खतरा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक पानी पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक उसे उबालकर ही पीना चाहिए।