आखिरकार मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी, 3 से 4 दिन में कवर करेगा पूरा राज्य
MP में मानसून की 9 दिन देरी से एंट्री: 42 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी
मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार 24 जून को प्रवेश कर लिया है। इस बार मानसून सामान्य तारीख 15 जून की तुलना में लगभग 9 दिन की देरी से पहुंचा। मौसम विभाग (India Meteorological Department) के अनुसार, मानसून की रफ्तार अब तेज हो गई है और यह अगले 3 से 4 दिनों के भीतर पूरे Madhya Pradesh को कवर कर सकता है।

कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर
मानसून के प्रवेश के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई है। खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल, बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में बादल छाए रहे और तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर आंधी और गरज-चमक का भी असर देखने को मिला। बालाघाट जिले में कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी सूचना है, जिससे स्थानीय लोगों और किसानों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

42 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 42 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा, सीहोर, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच और सिंगरौली जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा और कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

वहीं, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के लगभग 39 जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, बड़वानी और खंडवा जैसे जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। वहीं पूर्वी हिस्सों जैसे जबलपुर, सिवनी, बालाघाट और मंडला में भी बारिश का असर देखने को मिला।
बारिश सामान्य से 53% कम, चिंता बढ़ी
मानसून के देर से आने के कारण जून महीने में बारिश का आंकड़ा काफी कम रहा है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 78.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 37.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो लगभग 53% कम है। यह स्थिति कृषि के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

कम बारिश के कारण सोयाबीन सहित कई खरीफ फसलों की बुवाई पिछड़ रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बुवाई के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी जरूरी होती है, जो कम बारिश के कारण कई जिलों में अभी तक नहीं बन पाई है। जिन इलाकों में 4 इंच से अधिक बारिश दर्ज हुई है, उनमें केवल राजधानी Bhopal शामिल है। यहां बारिश सामान्य से अधिक दर्ज की गई है, जिससे कुछ राहत मिली है।
आने वाले समय में ऐसा रहेगा MP में मौसम का मिजाज
मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून अगले कुछ दिनों में पूरे राज्य में सक्रिय हो जाएगा और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, प्रदेश में सूखे की स्थिति में सुधार होने की संभावना है। हालांकि, शुरुआत में असमान बारिश और स्थानीय स्तर पर तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
Varsha Shrivastava 
