MP खाद्य विभाग में बड़ा फेरबदल, 50 से ज्यादा अफसरों के तबादले

मध्यप्रदेश खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने एक साथ कई आदेश जारी किए। JSO, P-DSO, P-ASO और जिला आपूर्ति अधिकारियों समेत 50 से अधिक अफसरों के तबादले हुए। सागर की जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल को भी हटाया गया।

MP खाद्य विभाग में बड़ा फेरबदल, 50 से ज्यादा अफसरों के तबादले

भोपाल: मध्यप्रदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (Food, Civil Supplies and Consumer Protection Department) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ। विभाग ने एक ही दिन में कई तबादला आदेश जारी कर दिए। इन आदेशों में JSO (कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी), P-DSO (प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी), P-ASO (प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी) और प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारियों समेत 50 से अधिक अफसर शामिल हैं।

सबसे पहला और अलग आदेश सागर को लेकर था। ज्योति बघेल, जो सागर जिले की प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक थीं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। उन्हें संचालनालय खाद्य नागरिक आपूर्ति में प्रभारी उप संचालक के पद पर तैनात किया गया है। यह तैनाती अस्थाई है।

तीन श्रेणियों में बंटे JSO के तबादले

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों यानी JSO के तबादले तीन अलग-अलग आदेशों में किए गए। पहले आदेश में स्थानांतरण नीति-2026 की कंडिका 16 (1) और 16 (2) यानी पति-पत्नी नीति के तहत 4 JSO को नई जगह दी गई। दक्षा गुप्ता को निवाड़ी से ग्वालियर, आभा शर्मा को जबलपुर से नरसिंहपुर, सुरेश कुमार तोमर को झाबुआ से धार और दिनेश यादव को सीहोर से संचालनालय खाद्य, भोपाल भेजा गया।

दूसरे आदेश में शासकीय आधार पर 12 JSO के तबादले हुए। सौरभ यादव को सागर से आलीराजपुर, यथा कोष्ठा को दमोह से रीवा, नारायण सिंह मुवेल को आगर-मालवा से इंदौर, आलोक काछी को छिंदवाड़ा से जबलपुर, ममता सिरयाम को बैतूल से पांढुर्णा, मिलन तिवारी को बालाघाट से आगर-मालवा, भोला मंडलोई को बड़वानी से आगर-मालवा और राहुल शर्मा को इंदौर से शाजापुर भेजा गया है। इसके अलावा रवीन्द्र कुमार पटेल को कटनी से सागर, सिद्धार्थ राय को जबलपुर से सागर, मयंक द्विवेदी को भोपाल से रायसेन और विवेक सिंह को सतना से मऊगंज भेजा गया।

तीसरे आदेश में स्वयं के व्यय पर 19 JSO को नई जगह दी गई। पूर्णिमा श्रीवास्तव रायसेन से सागर, मितालि मेहरा विदिशा से सीहोर, सुरेश कुमार गुजर आगर-मालवा से शाजापुर, सुरेश धोटे बालाघाट से छिंदवाड़ा, सुनील कुमार किरार बालाघाट से कटनी, सुमित चौधरी छिंदवाड़ा से मंडला, अभिषेक सनोडिया सीधी से सिवनी और शिवम मार्के श्योपुर से बालाघाट गए। इसी आदेश में नागेश दायमा उज्जैन से मंदसौर, दीप कुमार मिश्रा खंडवा से उमरिया, ज्योति पटले अशोकनगर से छिंदवाड़ा, ज्योति थानेश्वर भिंड से ग्वालियर, हुमा अंजुम मुरैना से डिंडोरी, सुजीत परस्ते मंडला से उमरिया, नियुक्त उमाहिया हरदा से भोपाल, दलताप सिंह पैगाम सिवनी से सीधी, लाली खराड़ी बड़वानी से धार, सुरभि जैन उज्जैन से विदिशा और दीप्ति सिंह शहडोल से सतना गई हैं।

P-DSO और P-ASO के भी बदले ठिकाने

प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारियों यानी P-DSO के तीन अलग आदेश भी इसी दिन आए। पति-पत्नी नीति के तहत दो P-DSO का तबादला हुआ। सीताराम कोठारे को छतरपुर से खंडवा और संत कुमार भलावी को मंडला से बालाघाट भेजा गया। शासकीय आधार पर तीन P-DSO को नई जगह मिली। राजू कातुलकर रायसेन से सीहोर, मनोज कुमार पुरावया सिवनी से छिंदवाड़ा और गंगा भिंडे छिंदवाड़ा से हरदा भेजी गईं। इन्हें दो सप्ताह में कार्यभार ग्रहण करना है। स्वयं के व्यय पर तीन P-DSO का तबादला हुआ। कृष्णपाल सिंह मरावी डिंडोरी से मंडला, रविकांत ठाकुर बालाघाट से कटनी और देवेन्द्र सिंह खोबरिया नरसिंहपुर से सिवनी भेजे गए।

P-ASO में भी हुआ बड़ा फेरबदल

प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारियों यानी P-ASO के दो आदेश आए। शासकीय आधार पर 11 P-ASO बदले गए। शिव सुन्दर व्यास इंदौर से आलीराजपुर, सीमा बोरसीया जबलपुर से बैतूल, ब्रजपाल सिंह गुजर मुरैना से श्योपुर, अभिषेक मोर देवास से सागर, सुनील दत्त शर्मा श्योपुर से दतिया, संजीव शर्मा श्योपुर से ग्वालियर, सुभाष कुमार द्विवेदी रीवा से सागर, हुमा हुजुर भोपाल से राजगढ़, पीयूष शुक्ला कटनी से भोपाल, राजीव पाडे सतना से मैहर और देवेन्द्र प्रताप शर्मा शाजापुर से पन्ना भेजे गए। स्वयं के व्यय पर तीन P-ASO को नई जगह दी गई। प्रकाश यादव सीहोर से विदिशा, पिंकी शाक्य विदिशा से सीहोर और जितेन्द्र बर्मन छतरपुर से कटनी भेजे गए।

तीनों आदेशों में एक नियम समान

सभी नौ आदेशों में एक बात एकसमान रही। किसी भी स्थानांतरित अधिकारी को पुराने पद पर छुट्टी नहीं मिलेगी। नई जगह पहुंचकर कार्यभार लेने के बाद ही अवकाश का निराकरण होगा। जो आदेश तत्काल प्रभाव के हैं उनमें फौरन कार्यमुक्त होना जरुरी है और जो शासकीय आधार पर हैं उनमें अधिकतम दो सप्ताह की सीमा रखी गई है।