MP: विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन, कांग्रेस विधायकों ने थाली बजाकर किया प्रदर्शन
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन। राज्यपाल के अभिभाषण पर आज चर्चा। कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन।
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का 19 फरवरी गुरुवार को चौथा दिन है। आज सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। लेकिन कार्यवाही शुरू होने से पहले ही कुपोषण समेत कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी जी की प्रतिमा के सामने जमीन पर बैठे पार्टी कार्यकर्ताओं ने थाली बजाकर विरोध जताया और ख्याली पुलाव के नारे लगाए। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने बजट को ख्याली पुलाव करार दिया और खाली थाली बताते हुए नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने कहा कि किसान, युवा, लाडली बहने, बिजली उपभोक्ता जो सरकार से उम्मीद कर रहा था, उसे कुछ नहीं मिला। वहीं, विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से सौजन्य भेंट की।


कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन
मप्र विधानसभा में लगातार चौथे दिन भी विपक्ष मोहन यादव सरकार पर हमलावर रहा। आज सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने सरकार के बजट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार का बजट आम लोगों के लिए निराशाजनक है और यह केवल “ख्याली पुलाव” है। जिसमें हर वर्ग के साथ धोखा हुआ है। सरकार ने यह किसानों के लिए कहा था कि उनकी आय दुगनी होगी। किसान खाली थाली में सपना देख रहा है। MSP नहीं मिल रही है। सरकार ने कहा था युवाओं के लिए नौकरियों के द्वारा खोले जाएंगे, बड़े-बड़े पोस्टर लगाए विज्ञापन लगे, लेकिन पिछले 2 साल से सरकार कोई भर्ती नहीं कर पा रही है। युवा सपना देख रहे हैं, ख्याली पुलाव की सरकार नौकरी देगी। लाड़ली बहना इंतजार कर रही है कब उन्हें ₹3000 मिलेगा। बिजली के बिल कम नहीं हुए बिजली के बल बढ़ रहे हैं। आम व्यक्ति परेशान है। यही हाल अस्पतालों का है स्टाफ नहीं है डॉक्टर नहीं है। सरकारी अस्पतालों में लोगों का इलाज ढंग से नहीं होता। आदमी जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

ये GYANII नहीं, अज्ञानी बजट है - कमलनाथ
विधानसभा पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार के बजट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बजट को “GYANII नहीं, अज्ञानी बजट” बताते हुए कहा कि प्रदेश पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में ही सरकार 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक उधार ले चुकी है, जबकि हर साल लगभग 27 हजार करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च हो रहे हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का 19 फरवरी गुरुवार को चौथा दिन है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। 16 फरवरी को राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने अपने अभिभाषण में मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की चलाई गई योजनाओं के कारण आए बदलावों को विस्तार से बताया था। उन्होंने विकसित भारत 2047 के विजन में प्रदेश की भूमिका को लेकर किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से बताया था।
राज्यपाल ने अभिभाषण की शुरुआत करते हुए कहा था कि देश ऐसी दहलीज पर खड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उन्होंने उद्योगों के अनुकूल वातावरण, भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया था।
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी, हालांकि हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा।
राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई थी, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
6 मार्च तक चलेगा सत्र
सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे

