पूर्व हेल्थ कमिश्नर तरुण राठी के खिलाफ HC का वारंट, फार्मासिस्ट भर्ती में फंसा पेंच
स्वास्थ्य संचालनालय के पूर्व कमिश्नर तरुण राठी के खिलाफ हाईकोर्ट ने वारंट जारी किया है। ये वारंट फार्मासिस्ट भर्ती विवाद से जुड़े मामले में जारी किया गया है।
भोपाल: मध्यप्रदेश में साल 2023 में हुई फार्मासिस्ट ग्रेड-2 की भर्ती में नया मोड़ आया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य संचालनालय के पूर्व कमिश्नर तरूण राठी के खिलाफ वारंट जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 8 सितंबर को होगी। हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को ये आदेश दिया है कि वो वारंट को तामील कराएं।
क्या है मामला वारंट क्यों आया?
अभ्यर्थियों का दावा है कि साल 2024 में चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब ये लोग जॉइनिंग के लिए पहुंचे, तब इन्हें बताया गया कि इनके पास जरूरी क्वालिफिकेशन नहीं है। इसके बाद इन अभ्यर्थियों की जॉइनिंग रोक दी गई। इसके बाद कई बार विभाग के चक्कर काटे लेकिन बात नहीं बनी। 13 अगस्त से ये मेडिकल अभ्यर्थी स्वास्थ्य संचालनालय के सामने धरना दे रहे हैं। याचिकाकर्ताओं में शामिल अदिति जैन ने फार्मासिस्ट ग्रेड-II पद की भर्ती प्रक्रिया में शामिल qualifications के संबंध में विज्ञापन और रूल बुक में दी गई शर्तों को चुनौती दी थी। मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी।
क्या है विवाद?
विभाग ने सभी की नियुक्तियां ये कहते हुए रोक दिया था कि इनके पास 12वीं में बायो सब्जेक्ट नहीं था। उम्मीदवारों ने मैथ्स विषय से 12वीं पास की है, जबकि उम्मीदवारों का ये कहना है कि 1989 के गजट में जिसका 1994 में संशोधन किया गया। साल 2023 के भर्ती नियमों में ये कहीं नहीं लिखा कि 12वीं बायोलॉजी विषय से पास होना जरूरी है। उम्मीदवारों का कहना है कि भर्ती नियमों में सिर्फ 12वीं विज्ञान से पास मांगा गया था। साथ ही फार्मेसी काउंसिल का जीवित पंजीयन होना चाहिए। इसके साथ ही फार्मेसी की डिग्री को जरूरी किया गया था।
पड़ताल में क्या पता चला?
फार्मासिस्ट भर्ती 2017 से लेकर 2023 तक के भर्ती विज्ञापन को देखने पर पता चला कि 2017 के भर्ती विज्ञापन में जो जरूरी योग्यता लिखी गई थी वो विज्ञान संकाय से 12वीं पास और फार्मेसी में डिप्लोमा मांगा गया था। साथ ही फार्मासिस्ट का जीवित पंजीयन जरूरी था। साल 2023 के भर्ती विज्ञापन में लिखा गया कि उन विषयों के साथ 12वीं परीक्षा पास होना जरूरी है जो फार्मेसी की डिग्री या डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी है। अब यहां सवाल उठता है कि फार्मेसी की डिग्री या डिप्लोमा के लिए कौन सा विषय जरूरी है?
फार्मेसी की डिग्री/डिप्लोमा के लिए क्या है जरूरी ?
साल 2023-24 के फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 12वीं विषय विज्ञान संकाय से पास होना जरूरी था। इन विषयों में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी को मान्य किया गया था, साथ ही ऑप्शन में मैथ्स को भी रखा गया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल के बाद जब इन उम्मीदवारों को जॉइनिंग नहीं दी गई, तब इन लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों के पक्ष में फैसला दिया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी विभाग ने अभ्यर्थियों की नहीं सुनी। इसके बाद विभाग के खिलाफ उम्मीदवार फिर हाईकोर्ट पहुंचे और कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट लगाया। तब से मामला वहीं का वहीं अटका हुआ है। मामले में जो अपील की गई है, उस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्वास्थ्य संचालनालय के डिप्टी डायरेक्टर अरविंद सिंह चौहान का कहना है कि इस महीने ज्यादा छुट्टियों के चलते मामले पर तेजी से कार्रवाई नहीं हो सकी है। मामला कोर्ट में है, लेकिन हम जल्द ही मामले का समाधान निकाल लेंगे।
अब किसके हवाले स्वास्थ्य संचालनालय की कमान
वारंट भले ही तरूण राठी के नाम से जारी किया गया हो, लेकिन अब वो स्वास्थ्य संचालनालय कमिश्नर नहीं हैं। उनकी जगह धनराज एस स्वास्थ्य कमिश्नर हैं। तरूण राठी को जनजातीय कार्य विभाग का कमिश्नर बनाया गया है। अब 8 सितंबर को होने वाली सुनवाई काफी अहम हो गई है।

