Global Peace Honours 2025: शाहरुख खान का शहीदों को सलाम!

कार्यक्रम में बहादुर सुरक्षा कर्मियों के साथ-साथ नीता अंबानी और अन्य विशेष हस्तियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

Global Peace Honours 2025: शाहरुख खान का शहीदों को सलाम!
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22 नवंबर, 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया में ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में 26/11 मुंबई आतंकी हमले, पहलगाम अटैक और हाल ही में हुए दिल्ली बम ब्लास्ट के पीड़ितों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही शहीदों के परिवारों और उन बहादुरों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने देश की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस कार्यक्रम के दौरान नीता अंबानी को भी उनके परोपकार और सामुदायिक सेवा के लिए सम्मानित किया गया। NSG कमांडो सुनील जोधा को भी उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही अरुण जाधव, पुलिस अधिकारी—जिन्होंने 26/11 हमले के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई—और डॉ. सदानंद दाते, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के प्रमुख, जिन्हें 26/11 हमले का नायक कहा जाता है, उन्हें भी सम्मानित किया गया। इस तरह कार्यक्रम में कई लोगों को पुरस्कृत किया गया।

आयोजन में बॉलीवुड के स्टार्स से लेकर व्यापार, खेल और राजनीति से कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे, बॉलीवुड से रणवीर सिंह, सुनील शेट्टी, करिश्मा कपूर, मनीषा कोइराला, टाइगर श्रॉफ, और विक्रांत मैसी, साथ ही व्यापार जगत से मुकेश अंबानी, नीता अंबानी और उनका पूरा परिवार शामिल हुआ।

कार्यक्रम में शाहरुख खान ने देश के वीरों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही पहलगाम हमले, 26/11 मुंबई आतंकी हमले और हाल ही में हुए दिल्ली बम ब्लास्ट पर भी बोले। उन्होंने देश के बहादुरों के लिए स्पीच दी और कहा—

“26/11, पहलगाम आतंकी हमला और हाल ही में हुए दिल्ली ब्लास्ट में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बेगुनाह लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, और इन हमलों में शहादत पाने वाले हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों को मेरा सादर नमन।”

उन्होंने आगे कहा—

“आज देश के बहादुर सिपाहियों और जवानों के लिए मुझे कहा गया है ये चार लाइनें कहना, जो बहुत ही खूबसूरत हैं:
जब कोई पूछे तुमसे कि क्या करते हो, तो सीना ठोक कर कहना—‘मैं देश की रक्षा करता हूँ।’
पूछे अगर कोई कि कितना कमा लेते हो, तो हल्के से मुस्कुराकर कहना—‘140 करोड़ लोगों की दुआएँ कमा लेता हूँ।’
और अगर मूड करके फिर भी पूछे तुमसे कि कभी डर नहीं लगता, तो आँख से आँख मिलाकर कहना—‘जो हम पर हमला करते हैं, उन्हें लगता है।’”