खंडवा में पहाड़ से निकली 'मां की दिव्य मूर्ति'
पहाड़ से निकली 'मां की दिव्य मूर्ति', एक साल से युवक के सपने में आ रहीं थी माता, पूजा के लिए विधायक समेत पूरा गांव उमड़ा
खंडवा: MP के खंडवा में आस्था का अनोखा सैलाब दिखाई दिया। आम से लेकर खास तक सभी एक विशेष जगह पर पूजा के लिए पहुंचे। जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के भुइफल गांव के पास स्थित कांजा बैड़ा पहाड़ में अति प्राचीन पत्थर देवी प्रतिमा मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। जमीन की खुदाई के दौरान मां दुर्गा की अनोखी प्रतिमा निकली। खुदाई में प्रतिमा मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते पहाड़ी पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने इसे मां दुर्गा का चमत्कार मानते हुए मौके पर ही पूजा-पाठ और आरती शुरू कर दी।
सपने में आया संकेत, फिर शुरू हुई खुदाई
पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह रही कि पुनासा क्षेत्र के युवक राजू जगताप ने दावा किया कि उन्हें पिछले एक वर्ष से लगातार मां दुर्गा सपने में दर्शन दे रही थीं। युवक के अनुसार, माता सपने में कहती थीं कि वे कांजाबेडा की पहाड़ी पर विराजमान हैं और उन्हें बाहर निकाला जाए। राजू जगताप ने बताया कि वह एक साल के भीतर दूसरी बार भुइफल गांव पहुंचे और यहां के सरपंच एवं ग्रामीणों को पूरी बात बताई। जिसके बाद हरसबाड़ा सरपंच देवेंद्र पंवार ग्रामीणों के साथ कांजा बैड़ा पहाड़ पहुंचे। यहां पहले पूजा-अर्चना और योग-ध्यान किया गया, इसके बाद उस स्थान की खुदाई शुरू हुई, जहां युवक ने माता के होने का संकेत बताया था। खुदाई के दौरान पत्थर की प्राचीन दुर्गा प्रतिमा निकलने पर ग्रामीण भाव-विभोर हो उठे।
मूर्ति मिलते ही आस्था का सैलाब
प्रतिमा बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों ने इसे दैवीय प्राकट्य मानते हुए तुरंत पूजा-पाठ शुरू कर दिया। कुछ ही समय में यह खबर आसपास के गांवों तक पहुंच गई और कांजा बैड़ा पहाड़ पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शाम होते-होते पूरे क्षेत्र में महा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। पहाड़ी पर ‘जय माता दी’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।
पंधाना विधायक ने की मंदिर निर्माण की घोषणा
घटना की जानकारी मिलते ही पंधाना विधायक छाया मोरे भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और ग्रामीणों की मांग पर यहां भव्य मंदिर निर्माण कराने की घोषणा की। विधायक ने मंदिर निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की मंदिर निर्माण की राशि दान देने की घोषणा भी की। वहीं, हिंदूवादी नेता अशोक पालीवाल ने भी सवा लाख रुपये देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कांजा बैड़ा पहाड़ को अब “दुर्गा पर्वत” के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे और जल्द ही इसके लिए गजट नोटिफिकेशन कराने की पहल होगी।
प्रशासन पहुंचा मौके पर, पुरातत्व जांच की तैयारी
मामले की सूचना मिलने पर प्रशासन भी सक्रिय हुआ। प्रशिक्षु आईएएस कृष्णा सुशीर के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पहाड़ी पर पहुंची और ग्रामीणों से चर्चा की। प्रशासन ने प्राथमिक तौर पर यह पुष्टि की कि खुदाई में प्रतिमा वास्तव में निकली है। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि प्रतिमा को फिलहाल पंचायत के संरक्षण में रखा जाए और इसकी पुरातत्व विभाग से जांच कराई जाए, ताकि मूर्ति की वास्तविक प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व का पता लगाया जा सके। हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन के इस सुझाव पर असहमति जताई। उनका कहना है कि माता जहां प्रकट हुई हैं, वहीं विराजमान रहेंगी। ग्रामीण अब इसी स्थान पर मंदिर निर्माण और नियमित पूजा-अर्चना की तैयारी में जुट गए हैं।
नया केंद्र बना कांजा बैड़ा
कांजा बैड़ा पहाड़ पर निकली इस प्रतिमा ने न केवल धार्मिक आस्था को नया आयाम दिया है, बल्कि यह स्थान अब इतिहास, संस्कृति और जनभावना का केंद्र भी बन गया है। यदि पुरातत्व विभाग की जांच में प्रतिमा प्राचीन सिद्ध होती है, तो यह स्थल खंडवा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक-पर्यटन केंद्र बन सकता है।

