बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन आज, जानें जरूरी शर्तें और नियम

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया सोमवार, 19 जनवरी से शुरू हो रही है। बीजेपी ने इस चुनाव को ‘संगठन पर्व’ के रूप में मना रही है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन आज, जानें जरूरी शर्तें और नियम

दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया सोमवार, 19 जनवरी से शुरू हो रही है। बीजेपी ने इस चुनाव को ‘संगठन पर्व’ के रूप में मना रही है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पहले ही रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. के. लक्ष्मण ने दे दी थी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद शाम 4 से 5 बजे के बीच नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने का समय शाम 5 से 6 बजे तक रखा गया है। शाम 6 बजे राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की ओर से आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

यदि नाम वापसी के बाद केवल एक ही वैध उम्मीदवार शेष रहता है, तो उसे निर्विरोध भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा। वहीं, एक से अधिक वैध उम्मीदवार होने की स्थिति में 20 जनवरी को चुनाव कराया जाएगा। मतदान सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगा और परिणाम भी उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि भाजपा ने हाल ही में नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें ही पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

कौन करता है भाजपा अध्यक्ष के चुनाव में मतदान

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषदों के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। इन्हीं सदस्यों से मिलकर इलेक्टोरल कॉलेज बनता है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पात्रता

भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष वही व्यक्ति बन सकता है, जिसकी संगठन में मजबूत पकड़ और देशभर में स्वीकार्यता हो। उम्मीदवार का पार्टी का प्राथमिक सदस्य बने हुए कम से कम 15 वर्ष पूरे होना अनिवार्य है। इसके साथ ही इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है, जो कम से कम पांच अलग-अलग राज्यों से होने चाहिए। उम्मीदवार को नामांकन पत्र पर स्वयं हस्ताक्षर करना अनिवार्य है, बिना हस्ताक्षर के नामांकन मान्य नहीं माना जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया भाजपा के संगठनात्मक लोकतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रणाली को दर्शाती है।