इंदौर बनेगा वैश्विक कृषि कूटनीति का केंद्र: जून में BRICS कृषि मंत्रियों की अहम बैठक

इंदौर में जून 2026 में BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इस सम्मेलन में वैश्विक खाद्य सुरक्षा, जलवायु स्मार्ट खेती और कृषि नवाचार पर चर्चा होगी।

इंदौर बनेगा वैश्विक कृषि कूटनीति का केंद्र: जून में BRICS कृषि मंत्रियों की अहम बैठक

नई दिल्ली, 3 मई 2026, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इंदौर में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बैठक कर BRICS कृषि मंत्रियों के इंदौर सम्मेलन को लेकर तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इंदौर का यह सम्मेलन मध्यप्रदेश सहित 
भारत और पूरी दुनिया के कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक अवसर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन न केवल वैश्विक खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यापार, जलवायु परिवर्तन और किसान कल्याण जैसे मुद्दों पर नई दिशा देगा, बल्कि इंदौर को अंतरराष्ट्रीय कृषि संवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। 

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यह पूरे देश के लिए गौरव का विषय है कि इस बार BRICS सम्मेलन 2026 भारत में हो रहा है और कृषि मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक के लिए मध्यप्रदेश के इंदौर का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि 9 से 11 जून 2026 तक इंदौर में BRICS कृषि कार्य समूह (AWG) की बैठक होगी, जबकि 12 और 13 जून 2026 को सदस्य देशों के कृषि मंत्री यहां एकत्रित होकर कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। 

चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में अधिकारियों के साथ तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई और सभी व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप, समयबद्ध, व्यवस्थित तथा उत्कृष्ट बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल एक औपचारिक बैठक आयोजित करना नहीं, बल्कि ऐसा प्रभावी आयोजन करना है जो भारत की कृषि क्षमता, नवाचार, परंपरा और वैश्विक नेतृत्व का सशक्त प्रदर्शन करे। 

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि BRICS देश कृषि के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत छोटे किसान और करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन इन देशों से जुड़ा है। ऐसे में इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन केवल एक कूटनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक कृषि और खाद्य व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर विमर्श मंच होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में BRICS के 11 सदस्य देश हैं- भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब। इसके साथ कई साझेदार देश भी जुड़े हुए हैं, इसलिए इंदौर में होने वाली यह बैठक व्यापक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और बहुपक्षीय कृषि सहयोग का महत्वपूर्ण अवसर बनेगी। 

श्री चौहान ने कहा कि भारत को इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता मिली है और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय BRICS के कृषि कार्य समूह का समन्वय कर रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अब तक AWG की दो महत्वपूर्ण बैठकें सफलतापूर्वक आयोजित हो चुकी हैं, जिनमें सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग को और मजबूत करने पर गंभीर चर्चा हुई है। 

पत्रकार वार्ता में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने आगामी विमर्श के प्रमुख विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंदौर में होने वाली बैठक में वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण, जलवायु स्मार्ट कृषि, कृषि व्यापार को आसान बनाने, किसान कल्याण, आपूर्ति श्रृंखला, अनुसंधान, ज्ञान साझेदारी, डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और नवाचार जैसे विषयों पर गंभीर मंथन होगा। 

उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और बदलते जलवायु परिदृश्य ने दुनिया के सामने नई कृषि चुनौतियाँ खड़ी की हैं, इसलिए जलवायु अनुकूल खेती और टिकाऊ कृषि प्रणालियों पर साझा रणनीति विकसित करना समय की मांग है। इसी तरह, कृषि व्यापार और अच्छे प्रयोगों के आदान-प्रदान से सदस्य देशों के किसानों को नई संभावनाएँ मिलेंगी और खाद्य आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाया जा सकेगा। 

श्री चौहान ने बेहद आत्मीय अंदाज़ में कहा कि इंदौर केवल बैठक स्थल नहीं रहेगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा, मालवा की मेहमाननवाज़ी और मध्यप्रदेश की कृषि विविधता का परिचय भी देगा। उन्होंने कहा कि अतिथियों को केवल सम्मेलन कक्षों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इंदौर और आसपास की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा कृषि परंपराओं से भी परिचित कराया जाएगा, ताकि वे भारत की आत्मा को महसूस कर सकें। 

उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर अपनी विशिष्ट स्वच्छता, आतिथ्य, संगठन क्षमता और सांस्कृतिक गरिमा के बल पर इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाएगा। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि भारत की परंपरा “अतिथि देवो भव” और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के अनुरूप सभी अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया जाएगा, ताकि वे मध्यप्रदेश और भारत की सकारात्मक छवि लेकर लौटें। 

शिवराज सिंह ने यह भी याद दिलाया कि पिछली BRICS कृषि मंत्रियों की 15वीं बैठक 2025 में ब्राज़ील में आयोजित हुई थी, जिसमें उन्होंने स्वयं भाग लिया था। उस बैठक में समावेशी, न्यायसंगत और सतत कृषि, छोटे और सीमांत किसानों के हित, तथा सहयोग, नवाचार और निष्पक्ष व्यापार के माध्यम से कृषि विकास जैसे विषयों पर भारत ने अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दर्ज कराई थी। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस अवसर को मध्यप्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आयोजन राज्य के किसानों, कृषि नवाचारों और नई तकनीकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। उनके अनुसार, जलवायु परिवर्तन, कृषि उन्नति, प्राकृतिक खेती, किसानों की आय वृद्धि और कृषि से जुड़ी विविध संभावनाओं के संदर्भ में यह सम्मेलन मध्यप्रदेश और देश दोनों के लिए उपयोगी साबित होगा। 


शिवराज सिंह चौहान ने अंत में भरोसा जताया कि इंदौर में होने वाला BRICS कृषि मंत्रियों का सम्मेलन भारत, मध्यप्रदेश और विश्व कृषि समुदाय को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि ऐसा ऐतिहासिक क्षण होगा जहाँ से खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, कृषि सहयोग और नवाचार का नया वैश्विक अध्याय लिखा जाएगा।