बिना सरकारी अनुमति के अवैध तरीके से डेवलप हो रही तुलसीपुरम कॉलोनी

बिना सरकारी अनुमति के अवैध तरीके से डेवलप हो रही तुलसीपुरम कॉलोनी

बिना सरकारी अनुमति के अवैध तरीके से डेवलप हो रही तुलसीपुरम कॉलोनी

भोपाल: शहर में अवैध कॉलोनियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है, और इसी कड़ी में अब तुलसीपुरम कॉलोनी का मामला सामने आया है, जहां लगभग 10 एकड़ भूमि पर बिना आवश्यक सरकारी अनुमति के कॉलोनी विकसित की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, इस कॉलोनी के संचालक नितेश पलिया द्वारा लोगों को आकर्षक वादों और सुविधाओं का सपना दिखाकर 2200 रुपए प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से प्लॉट बेचे जा रहे हैं।

न रेराटीएनडीसीपी

हकीकत यह है कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किसी भी टाउनशिप को विकसित करने के लिए रेरा (RERA) और टीएनडीसीपी (Town and Country Planning Department) की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। साथ ही, ऐसी कॉलोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए प्लॉट आरक्षित करना भी जरूरी होता है। लेकिन तुलसीपुरम कॉलोनी में इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

ग्राहकों को नुकसान का खतरा!

चौंकाने वाली बात यह है कि कॉलोनी के प्रचार-प्रसार में लगाए गए बैनर और विज्ञापनों में सभी सरकारी आवश्यक परमिशन होने का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ऐसे में यदि भविष्य में प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती है, तो यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पब्लिक वाणी के कैमरे में  स्टांप चोरी का खुलासा

सूत्रों के मुताबिक, यहां एक और बड़ा खेल स्टांप ड्यूटी चोरी का भी चल रहा है। जहां एक ओर सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन का रेट लगभग ₹1400 प्रति स्क्वायर फीट है, वहीं ग्राहकों से ₹2200 वसूले जा रहे हैं। रजिस्ट्री केवल ₹1400 के हिसाब से कराकर प्रति स्क्वायर फीट ₹700 की स्टांप चोरी की जा रही है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

जनप्रतिनिधि खुश रहे तो कोई समस्या नहीं

जब पब्लिकवाणी की टीम ने ग्राहक बनकर मौके पर जानकारी ली, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने दावा किया कि “अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि खुश रहे तो कोई समस्या नहीं आती है।

सरकार को करोड़ों का नुकसान

अंदाजा लगा सकते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार के नियमों को ताक पर रखकर अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। साथ ही बिल्डर नितेश पलिया स्टॉम्प चोरी में भी बहुत बड़ा खेल कर सरकार को करोड़ों रूपए का चूना लगाने का काम कर रहे हैं।