Bhopal AIIMS:ऑर्गन डोनेशन,ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन,और AI पर मंथन,एक्सपर्ट बोले-AI बदलेगा इलाज का तरीका
AIIMS Bhopal में बुधवार 25 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय सीएमई में ऑर्गन डोनेशन,ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयर के विषय विशेषज्ञों ने मंथन किया।
भोपाल: AIIMS Bhopal चिकित्सा शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। इसी कड़ी में 25 मार्च 2026 को एम्स भोपाल ने National Academy of Medical Sciences (NAMS) के सहयोग से ऑर्गन डोनेशन,ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयर के विषय पर प्रथम क्षेत्रीय सीएमई और प्रसार कार्यशाला का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम में विनोद के. पॉल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान अंगदान करने वाले परिजनों के सम्मान में ‘आभार कार्ड’ योजना की शुरुआत भी की गई, जिससे उन्हें अस्पताल सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही NAMS सेल का उद्घाटन किया गया और प्रतिभागियों को अंगदान की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम एम्स भोपाल के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार महापात्रा और कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

अंगदान और प्रत्यारोपण पर गहन चर्चा
कार्यक्रम के पहले सत्र में अंग प्रत्यारोपण पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने देश में अंगों की कमी, प्रत्यारोपण सेवाओं की वर्तमान स्थिति और डोनर बढ़ाने के उपायों पर अपने विचार रखे। इसमें ब्रेन डेथ और कार्डियक डेथ के बाद अंगदान जैसे मॉडल पर भी चर्चा की गई। साथ ही मानव अंग प्रत्यारोपण कानून के तहत व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। एम्स भोपाल के विभिन्न विभागों ने अपने प्रत्यारोपण कार्यों की प्रगति और नई तकनीकों की जानकारी भी साझा की।
AI से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर
दूसरे सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि AI तकनीक डिजिटल पैथोलॉजी, प्रिसिजन मेडिसिन, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन और हेल्थ टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव ला रही है। इसके जरिए बीमारी की पहचान और इलाज को अधिक सटीक और तेज बनाया जा सकता है। इस दौरान एम्स भोपाल में चल रहे AI आधारित शोध कार्यों की भी जानकारी दी गई, जिससे भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का रास्ता तैयार हो रहा है।
पैनल चर्चा में चुनौतियां और समाधान
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पैनल चर्चा में AIIMS Rishikesh, IIT Indore और MANIT Bhopal सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें भारत में AI के व्यावहारिक उपयोग, चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार साझा किए गए। विशेषज्ञों ने माना कि तकनीक और चिकित्सा के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अहम पहल
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने अंगदान को बढ़ावा देने और AI आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाने पर जोर दिया। यह सीएमई डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहां बेहतर और सुलभ इलाज के लिए ठोस सुझाव सामने आए। इससे आने वाले समय में मरीजों को तेज, सटीक और उन्नत इलाज मिलने की दिशा मजबूत होगी। कार्यक्रम में कई प्रमुख विशेषज्ञ शामिल रहे, जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) वेलु नायर, डॉ. सोनल अस्थाना, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. अतरेयी घोष समेत अन्य शामिल हैं। डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं ने मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। कार्यक्रम में कई प्रमुख विशेषज्ञ शामिल रहे, जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) वेलु नायर, डॉ. सोनल अस्थाना, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. अतरेयी घोष समेत अन्य शामिल हैं। डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं ने मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।
sanjay patidar 
