मानवता की मिसाल: ग्रामीणों और डायल-112 की सतर्कता से बची हिरण के शावक की जान

मां से बिछड़े हिरण के शावक को ग्रामीणों ने बचाया, डायल-112 की मदद से सुरक्षित पहुंचा वन विभाग

मानवता की मिसाल: ग्रामीणों और डायल-112 की सतर्कता से बची हिरण के शावक की जान

मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी।

जिले की हनुमना तहसील क्षेत्र अंतरर्गत आने वाले बेलहा गांव में इंसानियत और संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहां मां से बिछड़कर एक हिरण का शावक गांव के पास भटकते हुए पहुंच गया। शावक को आवारा कुत्तों से खतरा देख ग्रामीण घबरा गए और तुरंत उसे घेरकर सुरक्षित स्थान पर ले आए।

ग्रामीणों ने बिना देर किए डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 के पायलट रामाश्रय चौधरी और पुलिस स्टाफ संजीव सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने शावक को अपने संरक्षण में लिया और उसे सुरक्षित मऊगंज लाया गया। 

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शावक को आगे की देखभाल के लिए वन विभाग के हवाले कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक स्वस्थ्य है और कुछ दिन देखरेख के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।

ग्रामीणों की सजगता और पुलिस की त्वरित कार्यवाही से एक बेजुबान वन्यजीव की जान बच गई। इस घटना की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों कहा यदि समय पर मदद न मिलती तो शावक कुत्तों का शिकार बन सकता था। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल से भटके किसी भी वन्यजीव को देखकर उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत प्रशासन को सूचना दें।