Mahakaleshwar Temple : महाकाल मंदिर में रूप चौदस से बदलेगी दिनचर्या, होली तक गर्म जल से होगा स्नान; महिलाएं लगाएंगी उबटन

Roop Chaudas Mahakal Temple : उज्जैन के महाकाल मंदिर में रूप चौदस से बाबा को गर्म जल से स्नान कराया जाएगा। पुजारी परिवार की महिलाएं सुगंधित उबटन लगाएंगी। यह परंपरा होली तक चलेगी।

Mahakaleshwar Temple : महाकाल मंदिर में रूप चौदस से बदलेगी दिनचर्या, होली तक गर्म जल से होगा स्नान; महिलाएं लगाएंगी उबटन

Roop Chaudas Mahakal Temple : उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रूप चौदस से भगवान महाकाल की दिनचर्या में विशेष बदलाव होने जा रहा है। तड़के होने वाली भस्म आरती के दौरान बाबा को गर्म जल से स्नान कराया जाएगा। ऋतु परिवर्तन के चलते शुरू होने वाली यह परंपरा फाल्गुन पूर्णिमा यानी होली तक जारी रहेगी। इस दौरान प्रतिदिन भगवान का गर्म जल से अभिषेक किया जाएगा।

साल में दो बार बदलती है बाबा की दिनचर्या

मंदिर के पुजारी महेश पुजारी के अनुसार, भगवान महाकाल की दिनचर्या में साल में दो बार बदलाव किया जाता है। ठंड का मौसम शुरू होने पर कार्तिक माह और गर्मी की शुरुआत में फाल्गुन मास के दौरान आरती के समय और स्नान की प्रक्रिया में परिवर्तन होता है। इसी परंपरा के तहत रूप चौदस से बाबा को गर्म जल से स्नान कराने की शुरुआत होगी।

पुजारी परिवार की महिलाएं लगाएंगी सुगंधित उबटन

रूप चतुर्दशी पर भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इस दिन पुजारी परिवार की महिलाएं बाबा को गर्म जल से स्नान कराएंगी। इसके बाद केसर और चंदन से तैयार सुगंधित उबटन लगाया जाएगा। भस्म आरती के दौरान होने वाली इस विशेष पूजा के बाद भगवान को नए वस्त्र पहनाए जाएंगे। साथ ही सोने-चांदी के आभूषणों से राजसी श्रृंगार किया जाएगा।

दीपावली पर माता लक्ष्मी के स्वरूप में सजेगे बाबा

दीपावली के दिन महाकाल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होगी। भस्म आरती के लिए पट खुलने के बाद सबसे पहले बाबा को गर्म जल से स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भांग, चंदन और आभूषणों से उनका श्रृंगार होगा। भगवान को नए वस्त्र पहनाकर सोने-चांदी के आभूषण धारण कराए जाएंगे। पूजा के बाद अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। अंत में फुलझड़ी से आरती कर दीपावली का पर्व मनाया जाएगा।