Kanker Electricity Department : कांकेर के बिजली विभाग में मिठाई की जगह बांटी शराब , बोतलें मिलने से मचा हड़कंप

Kanker Electricity Department : कांकेर के विद्युत विभाग में दीपावली उत्सव के दौरान शराब बांटने का आरोप लगा है। कार्यालय से अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें मिलने के दावे के बाद पुलिस ने कार्यपालन अभियंता से पूछताछ की।

Kanker Electricity Department : कांकेर के बिजली विभाग में मिठाई की जगह बांटी शराब , बोतलें मिलने से मचा हड़कंप

Kanker Electricity Department : छत्तीसगढ़। दीपावली पर सरकारी कार्यालयों में मिठाई बांटकर खुशियां मनाने की परंपरा है। लेकिन छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में विद्युत विभाग का एक मामला विवादों में आ गया है। यहां दीपावली उत्सव के दौरान मिठाई की जगह अंग्रेजी शराब बांटने का आरोप लगाया गया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद विभागीय कर्मचारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हलचल बढ़ गई। देखते ही देखते कोतवाली थाना परिसर में भीड़ जमा हो गई।

कार्यालय में मिली अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें

मामला विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता संभाग कार्यालय का है। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष लोमेश यादव ने आरोप लगाया कि कार्यालय में दीपावली उत्सव के नाम पर अंग्रेजी शराब बांटी जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान ब्लेंडर ब्रांड की अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें मिलने का दावा किया गया। घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और मामला चर्चा का विषय बन गया।

कार्यपालन अभियंता को पूछताछ के लिए थाने ले गई पुलिस

पुलिस कार्यपालन अभियंता एस.के. किंडो को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना लेकर पहुंची। इसकी जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग के कर्मचारी थाने पहुंचने लगे। करीब 30 मिनट के भीतर बड़ी संख्या में कर्मचारी वहां जमा हो गए। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे। इससे मामला और गरमा गया। दोनों पक्षों की मौजूदगी से थाना परिसर में काफी देर तक हलचल बनी रही।

पूछताछ के बाद अधिकारी को छोड़ा

पुलिस ने पूछताछ पूरी करने के बाद कार्यपालन अभियंता एस.के. किंडो को छोड़ दिया। हालांकि, कार्यालय में शराब की बोतलें मिलने और उनके रखे जाने के उद्देश्य को लेकर सवाल बने हुए हैं। क्या दीपावली कार्यक्रम में शराब बांटने की तैयारी थी या बोतलें किसी अन्य वजह से रखी गई थीं? फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।