जेल से बाहर आते ही गैंगस्टर का शक्ति प्रदर्शन: बोलेरो के बोनट पर बैठकर मान सिंह ने पी सिगरेट
16 साल के सत्यम शुक्ला की हत्या के मामले में 14 महीने से था बंद; साथियों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत, बाइक रैली का वीडियो वायरल
सतना। हत्या के मामले में 14 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए आरोपी का शहर की सड़कों पर अंदाज देखकर लोग हैरान रह गए। जेल से रिहा होते ही मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल (23) ने अपने साथियों के साथ गैंगस्टर स्टाइल में शक्ति प्रदर्शन किया। साथियों ने जेल के बाहर फूल-मालाओं से उसका स्वागत किया। इसके बाद बोलेरो के बोनट पर बैठकर सिगरेट के कश लगाते हुए वह बाइक रैली के साथ शहर की सड़कों पर निकला। जेल से सिद्धार्थ कॉलोनी स्थित घर तक निकाली गई इस रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मंगलवार देर शाम हुई इस रिहाई के बाद आरोपी और उसके साथियों का काफिला जेल परिसर से बिड़ला रोड होते हुए सिद्धार्थ कॉलोनी पहुंचा। बोलेरो के बोनट पर बैठकर सिगरेट पीने और बाइक रैली निकालने के इस अंदाज को लेकर शहर में चर्चा है। हत्या के आरोपी के इस तरह खुलेआम शक्ति प्रदर्शन से लोगों में दहशत का माहौल बनने की बात सामने आई है।
14 महीने पहले गोली मारकर की थी नाबालिग की हत्या
मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल 16 वर्षीय सत्यम शुक्ला की हत्या के मामले में जेल में बंद था। घटना 4 सितंबर को कोलगवां थाना क्षेत्र में एफसीआई गोदाम के पास हुई थी। पुलिस के मुताबिक सूर्यप्रताप अपने दोस्त आदित्य के साथ चाय पीने के बाद बस स्टैंड जाने के लिए बाइक पर बैठ रहा था। तभी पुराने परिचित वेद मिश्रा, आयुष द्विवेदी उर्फ बेटू किंग, अर्पित तिवारी, सचिन पाल, बेटू सिंगरौल और सत्यम शुक्ला वहां पहुंच गए।
बताया गया कि वेद मिश्रा ने सूर्यप्रताप से विवाद शुरू कर दिया। इसी दौरान आयुष ने उसका मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर वेद ने कट्टे से फायर कर दिया। सूर्यप्रताप ने झुककर अपनी जान बचाई। गोली चलने से नाराज सत्यम ने साथियों को कट्टा रखने के लिए कहा तो विवाद उस पर ही पलट गया। आरोप है कि सचिन पाल ने सत्यम के सीने में गोली मार दी।
अस्पताल पहुंचाने के बजाय गेट पर छोड़कर भागे थे आरोपी
गोली लगने से सत्यम जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी उसे बिरला हॉस्पिटल के गेट पर छोड़कर भाग निकले। प्राथमिक उपचार के बाद सत्यम को रीवा रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल करीब 14 महीने से अपने तीन अन्य साथियों के साथ जेल में बंद था।
अब जमानत पर रिहाई के बाद उसके स्वागत और सड़क पर निकाली गई रैली का वीडियो सामने आने से एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है। सवाल यह भी है कि गंभीर आपराधिक मामले के आरोपी की रिहाई के बाद इस तरह खुलेआम सड़क पर शक्ति प्रदर्शन और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है।

