स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 : देपालपुर की सफाई से तय होगा अवॉर्ड, 11 को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

Swachh Survekshan 2026 : स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के विजेता शहरों को 11 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। इंदौर को अपनी स्वच्छता के साथ मेंटर शहर देपालपुर की व्यवस्था सुधारने की भी जिम्मेदारी मिली है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 : देपालपुर की सफाई से तय होगा अवॉर्ड, 11 को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

Swachh Survekshan 2026 : इंदौर। देश के स्वच्छ शहरों को सम्मानित करने के लिए 11 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 का पुरस्कार समारोह आयोजित होगा। सुबह 11 बजे होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) विजेता शहरों को सम्मानित करेंगी। इस बार राष्ट्रीय स्तर पर 57 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश के इंदौर सहित सात शहरों को सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया है। हालांकि, इंदौर के सामने इस बार अपनी स्वच्छता व्यवस्था का स्तर बनाए रखने के साथ दूसरे शहर को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी रही है।

देपालपुर को सुधारने की जिम्मेदारी इंदौर पर

स्वच्छ सर्वेक्षण में इंदौर को सामान्य शहरों की रैंकिंग से अलग सुपर स्वच्छ लीग में जगह मिली है। इसके तहत स्वच्छ शहर जोड़ी पहल में इंदौर को देपालपुर का मेंटर शहर बनाया गया था। इंदौर को देपालपुर में कचरा प्रबंधन, पुराने कचरे के निपटान और जनजागरूकता बढ़ाने में मदद करनी थी। इसके अलावा वहां सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन देना था। ऐसे में इस बार इंदौर के प्रदर्शन के साथ देपालपुर में हुए सुधार भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

सुपर स्वच्छ लीग में 85 प्रतिशत अंक जरूरी

सुपर स्वच्छ लीग की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी। इसमें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को शामिल किया जाता है। इस श्रेणी में जगह बनाए रखने के लिए शहरों को कम से कम 85 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी है। देशभर में 72 मेंटर शहरों को 195 मेंटी शहरों की सफाई व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी दी गई थी। मध्यप्रदेश के सात शहर भी स्वच्छ शहर जोड़ी पहल का हिस्सा बने हैं।

सूरत और नवी मुंबई से मिलेगी चुनौती

सुपर स्वच्छ लीग में इंदौर के अलावा सूरत, नवी मुंबई और विजयवाड़ा जैसे शहर शामिल हैं। वहीं, मिलियन प्लस शहरों की श्रेणी में अहमदाबाद, भोपाल और लखनऊ को भी जगह मिली है। इंदौर के सामने इन शहरों के बीच अपनी बेहतर स्वच्छता व्यवस्था का प्रदर्शन करने की चुनौती है।

इन मानकों पर हुआ स्वच्छता सर्वेक्षण

इस बार शहरों का मूल्यांकन केवल कचरा संग्रहण और निपटान के आधार पर नहीं हुआ। पानी का प्रबंधन, सफाई कर्मचारियों का कल्याण और नागरिकों की शिकायतों का समाधान भी प्रमुख मानक रहे। वोट फॉर माय सिटी, मायगॉव और स्वच्छता ऐप के माध्यम से लोगों की राय ली गई। देशभर में 3 हजार से अधिक सर्वेयरों ने 45 दिनों तक मैदानी सर्वे किया। समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहेंगे।