भोपाल में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई : 426.80 किलो गांजा जब्त; 249 लोगों पर एक्शन

भोपाल संभाग के पांच जिलों में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 426.80 किलो गांजा जब्त किया गया। 134 मामले दर्ज हुए और 249 लोगों पर कार्रवाई की गई। स्कूल-कॉलेजों में एंटी ड्रग्स समितियां बनेंगी।

भोपाल में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई :  426.80 किलो गांजा जब्त; 249 लोगों पर एक्शन

Bhopal Division Ganja Seizure : भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल संभाग में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। संभाग के पांच जिलों में अब तक 426.80 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मामले दर्ज किए गए और 249 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जब्त गांजे की सबसे अधिक मात्रा राजगढ़ जिले से मिली है। वहीं, विदिशा में गांजे के 22 पौधे भी उखाड़े गए हैं।

राजगढ़ में सबसे ज्यादा 241 किलो गांजा जब्त

संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल ग्रामीण में 10.27 किलो, सीहोर में 42.4 किलो, राजगढ़ में 241.1 किलो, विदिशा में 117.7 किलो और रायसेन में 15.295 किलो गांजा जब्त किया गया है। इसके अलावा विदिशा जिले में गांजे के 22 पौधे भी जब्त किए गए। पांचों जिलों में नशे की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

नशे के नेटवर्क पर सख्ती के निर्देश

कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों को ड्रग्स और अवैध शराब के निर्माण, बिक्री तथा परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। नशे के नेटवर्क को खत्म करने के साथ आम लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्कूल-कॉलेजों में बनेंगी एंटी ड्रग्स समितियां

नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए संभाग के सभी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और छात्रावासों में एंटी ड्रग्स समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों की नियमित बैठकें होंगी। विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि ड्रग्स या अवैध शराब की बिक्री और परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचित करें।

नशामुक्ति केंद्रों का होगा निरीक्षण

कमिश्नर ने सभी जिलों में संचालित नशामुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में राजगढ़ कलेक्टर ने बताया कि जिले में फिलहाल कोई नशामुक्ति केंद्र संचालित नहीं है। इस पर संभागायुक्त ने सामाजिक न्याय विभाग को जिले की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य नशे की रोकथाम के साथ प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराना भी है।