MP Old Pension Scheme : 99 हजार शिक्षकों की पुरानी पेंशन का रास्ता साफ, NPS का पैसा OPS में ट्रांसफर करने का आदेश

MP Old Pension Scheme : MP हाईकोर्ट ने 2005 से पहले भर्ती शिक्षकों की पुरानी पेंशन पर अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने NPS की राशि OPS में ट्रांसफर करने और पुरानी सेवा का लाभ देने का निर्देश दिया।

MP Old Pension Scheme : 99 हजार शिक्षकों की पुरानी पेंशन का रास्ता साफ, NPS का पैसा OPS में ट्रांसफर करने का आदेश

MP Old Pension Scheme : ग्वालियर। मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग कर रहे शिक्षकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ग्वालियर हाईकोर्ट ने 2005 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि जब सरकार शिक्षकों की पुरानी सेवा को मान्यता देकर वरिष्ठता और प्रमोशन का लाभ दे रही है, तो उन्हें पुरानी पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने नई पेंशन योजना (NPS) में जमा राशि को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में ट्रांसफर करने का आदेश भी दिया है।

99 हजार से ज्यादा शिक्षकों को मिलेगा लाभ

न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने शिक्षिका करुणा शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। इसका लाभ 1998 से 2005 के बीच पंचायत और नगरीय निकायों के माध्यम से भर्ती हुए 99 हजार से अधिक शिक्षकों को मिल सकता है। प्रदेश में करीब पौने चार लाख शिक्षक हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारियों की है, जिनकी पहली नियुक्ति शिक्षाकर्मी के रूप में हुई थी। बाद में उन्हें सरकारी शिक्षक संवर्ग में शामिल किया गया।

2018 के संविलियन को नई नियुक्ति मानने की दलील खारिज

सरकार ने वर्ष 2018 में हुए संवर्ग संविलियन को नई नियुक्ति माना था। इसी आधार पर शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने से इनकार किया गया था। सरकार की दलील थी कि संविलियन के बाद उनकी सेवा को नई नियुक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि जब पुरानी सेवा के आधार पर वरिष्ठता और क्रमोन्नति दी जा रही है, तो पेंशन के मामले में अलग व्यवस्था नहीं अपनाई जा सकती।

NPS की राशि OPS में होगी ट्रांसफर

हाईकोर्ट ने प्रभावित शिक्षकों के NPS खातों में जमा राशि को OPS में स्थानांतरित करने और उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ देने का निर्देश दिया है। इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपनी पुरानी सेवा के आधार पर पेंशन की मांग कर रहे थे। हालांकि, आदेश का वास्तविक क्रियान्वयन सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और पात्र शिक्षकों की पहचान पर निर्भर करेगा।