Jabalpur: बाथरूम के पानी से धोई जा रही थीं सब्जियां, सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट सील
जबलपुर के सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट में सब्जियां धोने और खाना बनाने में बाथरूम का पानी इस्तेमाल करने का मामला सामने आया. खाद्य लाइसेंस निलंबित कर रेस्टोरेंट सील, तीन प्रतिष्ठानों से सैंपल लिए गए.
जबलपुर: मध्यप्रदेश के जबलपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में एक रेस्टोरेंट के किचन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. साउथ सिविल लाइन स्थित सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट में सब्जियां धोने और खाना बनाने के लिए बाथरूम के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था. किचन में गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार करने की बात भी सामने आई. कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर प्रतिष्ठान को सील कर दिया.
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर त्योहारों के दौरान दूषित और मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत गुरुवार को राजस्व और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने साउथ सिविल लाइन, ग्वारीघाट और रामपुर स्थित तीन प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया.
शिकायत पर हुई जांच, किचन में मिली गंदगी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट और उसके किचन की जांच की गई. निरीक्षण के दौरान वहां अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार करने और संग्रहित करने की स्थिति मिली. अधिकारियों ने पाया कि सब्जियां धोने और खाना बनाने में बाथरूम के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था.
जांच के दौरान रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि यहां तैयार खाना पैकेट में भरकर रेलवे में सप्लाई किया जाता है. अधिकारियों ने मौके से पनीर, दाल और चावल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं. खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित कर रेस्टोरेंट को सील कर दिया गया.
दो मिठाई दुकानों से भी लिए गए सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ग्वारीघाट स्थित न्यू केशरवानी स्वीट्स का भी निरीक्षण किया. यहां से नारियल बर्फी और मगज के लड्डू के नमूने लिए गए. वहीं, रामपुर स्थित मधु कलश स्वीट्स से आटे के लड्डू और पेड़े के सैंपल जांच के लिए लिए गए.
अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को तीनों प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा रहे हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान जारी रहेगा.

