Ghaziabad Police Chauki Blast : तहरीक-ए-मुजाहिदीन हिंदुस्तान ने ली गाजियाबाद ब्लास्ट की जिम्मेदारी; ISI कनेक्शन की जांच

Ghaziabad Police Chauki Blast : गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाके के बाद तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नाम के संगठन ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पुलिस और UP ATS आतंकी एंगल सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

Ghaziabad Police Chauki Blast : तहरीक-ए-मुजाहिदीन हिंदुस्तान ने ली गाजियाबाद ब्लास्ट की जिम्मेदारी; ISI कनेक्शन की जांच

Ghaziabad Police Chauki Blast : गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके के मामले में नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया पर तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नाम के संगठन ने घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस, खुफिया एजेंसियां और फॉरेंसिक टीमें मामले की जांच कर रही हैं। जांच में हादसे से लेकर साजिश तक सभी संभावित पहलुओं को शामिल किया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी जांच की गंभीरता

सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में संगठन ने पुलिस चौकी पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। एजेंसियों के अनुसार, इस नाम के संगठन के बारे में पहले कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई थी। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि संगठन वास्तव में सक्रिय है या किसी अन्य नेटवर्क ने उसके नाम का इस्तेमाल किया है। पोस्ट की सत्यता और उसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान भी जांच का हिस्सा है।

पुराने आतंकी संगठन से संबंध की जांच

सूत्रों के मुताबिक, Tehreek-ul-Mujahideen (TuM) नाम के संगठन को गृह मंत्रालय ने वर्ष 2019 में प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित किया था। बताया जाता है कि इसका संचालन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होता था। अब एजेंसियां जांच कर रही हैं कि नए नाम से जिम्मेदारी लेने वाले संगठन का पुराने संगठन से कोई संबंध है या नहीं। ISI और शहजाद भट्टी के संभावित नेटवर्क की भूमिका की आशंका भी जांच के दायरे में है। फिलहाल इन कड़ियों की पुष्टि नहीं हुई है।

धमाके में टूटी खिड़कियां, डिलीवरी बॉय घायल

शुक्रवार रात हुए धमाके के समय चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर और सामान देने आया डिलीवरी बॉय मौजूद था। धमाके से चौकी के दो कांच टूट गए और दीवार में दरार आ गई। कांच के टुकड़े लगने से डिलीवरी बॉय घायल हो गया। शुरुआती जांच में इसे एसी कंप्रेसर या सामान्य पटाखे का विस्फोट नहीं माना गया। बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।

आगरा भेजे गए नमूने, UP ATS भी जांच में शामिल

घटनास्थल से जुटाए गए नमूने जांच के लिए आगरा भेजे गए हैं। आसपास सीसीटीवी कैमरों की कमी के कारण पुलिस को महत्वपूर्ण सबूत जुटाने में परेशानी हो रही है। चौकी के मुख्य गेट पर लगे कैमरे की फुटेज भी खंगाली जा रही है। यूपी एटीएस की टीम भी मामले की जांच में शामिल हो रही है। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर किए गए दावे की जांच से धमाके की असली वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।